अखिलेश से मिले पीड़ित, बोले- डीजीपी से बात हो गई:गाजीपुर फायरिंग कांड में छह दिन बाद भी आरोपी फरार, पीड़ितों ने डीजीपी से की मुलाकात

Oct 19, 2026 - 15:52
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अखिलेश से मिले पीड़ित, बोले- डीजीपी से बात हो गई:गाजीपुर फायरिंग कांड में छह दिन बाद भी आरोपी फरार, पीड़ितों ने डीजीपी से की मुलाकात
गाजीपुर में सीआईएसएफ जवान और उनके चचेरे भाई पर हुई फायरिंग के छह दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। बता दें कि 13 अक्टूबर की शाम हुई तीन लोगों ने जवान और उसके भाई को घेर कर फायरिंग की थी। इसमें जवान के दाहिने पैर में गोली लगी थी। जबकि भाई के सीने में गोली लगी थी। घटना के बाद से पीड़ित परिवार ने 18 अक्टूबर को सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से लखनऊ में मुलाकात की। अखिलेश ने परिवार को न्याय का भरोसा देते हुए कहा कि डीजीपी से उनकी बात हो गई है। आप लोग उनसे मिल लीजिए, आपको न्याय जरूर मिलेगा। अखिलेश से मुलाकात के बाद पुलिस ने आरोपी आशुतोष राय, सर्वेश राय और उपेंद्र राय पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। मामला भांवरकोल थाना क्षेत्र के सुखडेहरा गांव का है। अब सिलसिलेवार जानिए मामला क्रिकेट खेलकर लौटते समय हुआ था विवाद सीआईएसएफ जवान राघवेश यादव (35) के मुताबिक, वह छुट्टी लेकर 22 सितंबर को गांव आए थे। 13 अक्टूबर की शाम करीब 6:30 बजे क्रिकेट खेलने के बाद बच्चों के साथ बगीचे से घर लौट रहे थे। इसी दौरान टाटा टियागो कार से आरोपी आशुतोष राय, सर्वेश राय और एक अज्ञात व्यक्ति पहुंचे। आरोप है कि कार सवारों ने उन्हें रास्ते से हटने के लिए कहा। पहचानने से इनकार करने पर गाली-गलौज की। फिर पिस्तौल की बट से उनके सिर पर वार कर दिया। सिर से खून बहने लगा और वह चक्कर आने के कारण गिर पड़े। राघवेश ने बताया कि होश आने पर उन्होंने अपने भाई राकेश को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद राकेश और चचेरे भाई पंकज मौके पर पहुंचे। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन थाना घटनास्थल से करीब छह-सात किलोमीटर दूर होने के कारण वे पहले राघवेश को इलाज के लिए लेकर निकले। रास्ते में दोबारा घेरकर की फायरिंग राघवेश के मुताबिक, जसदेवपुर मोड़ के पास एक डॉक्टर से मरहम-पट्टी कराने के बाद परिजन ब्रह्मपुरा गांव के पीछे कच्चे रास्ते से मछटी मोड़ की ओर बढ़े। आरोप है कि यहां पहले से मौजूद हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और पांच-छह राउंड फायरिंग की। इस दौरान राघवेश के दाहिने पैर में घुटने के नीचे गोली लगी, जबकि पंकज के सीने में एक गोली जा लगी। राघवेश ने बताया कि फायरिंग के बाद दो हमलावर उनके पास आए। एक ने उन्हें पकड़ लिया, जबकि दूसरे ने दांत से उनका कान काट लिया। इसके बाद आरोपी कार से भागने लगे और राकेश पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। राघवेश ने घायल अवस्था में अपने भाई को खींचकर बचाया। राकेश के मुताबिक, पंकज के सीने में लगी गोली रीढ़ की हड्डी के पास स्पाइनल कॉर्ड के नजदीक फंस गई थी। ऑपरेशन कर गोली निकाली गई। राघवेश ने आरोपियों के साथ पहले किसी विवाद या जान-पहचान से इनकार किया है। उनका कहना है कि घटना के बाद से थाने में उनका बयान भी दर्ज नहीं किया गया है। सांसद से लेकर अखिलेश यादव तक पहुंचे परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा की मांग को लेकर पीड़ित पक्ष लगातार पुलिस अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं से संपर्क कर रहा है। इससे पहले राकेश यादव ने अपने पिता और सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव और मुहम्मदाबाद विधायक शोएब अंसारी के साथ एसपी विनय कुमार सिंह से मुलाकात की थी। 16 अक्टूबर को सांसद अफजाल अंसारी सुखडेहरा गांव पहुंचे। पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सहयोग का भरोसा दिया। 17 अक्टूबर को भाजपा नेता पीयूष कुमार राय ने भी परिवार से मिलकर घटना की जानकारी ली। 18 अक्टूबर को सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव के नेतृत्व में पीड़ित परिवार ने लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात की। परिजनों ने उन्हें घटना की जानकारी देते हुए मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने और परिवार की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता बताई। अखिलेश यादव ने परिवार को न्याय का भरोसा दिया और कहा कि डीजीपी से उनकी बात हो गई है। पीड़ित उनसे मिल लें, उन्हें न्याय मिलेगा। इसके बाद पीड़ितों ने डीजीपी से मुलाकात कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा की मांग की। एसपी और डीआईजी ने लिया था घायलों का हाल घटना के बाद एसपी विनय कुमार सिंह ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना था। डीआईजी वैभव कृष्ण ने भी मामले की जानकारी ली थी। पुलिस की ओर से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित किए जाने की जानकारी दी गई थी। पीड़ित परिवार के घर पर पुलिस की तैनाती घटना के बाद से पीड़ित परिवार के घर पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। परिवार के मुताबिक, राघवेश, राकेश और पंकज के घरों पर सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। कभी दो तो कभी तीन पुलिसकर्मी मौजूद रहते हैं। राघवेश ने बताया कि घटना के दिन उनकी कंपनी के कमांडर और फोर्स मुख्यालय के आईटी सेल की ओर से भी संपर्क किया गया था। विभाग की ओर से बेहतर इलाज और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। ----------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- पति रात 12-बजे आया, पत्नी ने पूछा तो मार डाला, श्रावस्ती में घर से घसीटते सड़क पर लाया, बीच चौराहे पेट में हंसिया घुसेड़ी श्रावस्ती में पति ने हंसिया घोंपकर पत्नी की हत्या कर दी। रविवार देर रात करीब 12 बजे पति कहीं से घर लौटा था। पत्नी ने उससे पूछा कि वह कहां से आए हो। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। आरोपी पत्नी को घसीटते हुए चौराहे पर ले गया। वहां पहले उसकी पिटाई की, फिर सड़क पर गिराकर पेट में हंसिया से 5-6 वार किए। हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें…

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