3 हजार पुलिसकर्मियों के पहरे में होगा दुर्गा प्रतिमा विसर्जन:गोंडा में ड्रोन से होगी निगरानी, घाटों पर गोताखोर और एसडीआरएफ की टीमें रहेंगी अलर्ट
गोंडा में शारदीय नवरात्र के समापन के बाद दुर्गा प्रतिमा विसर्जन और विजयदशमी कार्यक्रम को लेकर जिला व पुलिस प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सोमवार दोपहर करीब 3 बजे बताया कि विसर्जन का सिलसिला 20 से 27 अक्टूबर तक चलेगा। हालांकि, जिले में अधिकांश प्रतिमाओं का विसर्जन 20 और 21 अक्टूबर को ही कराया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 3 हजार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। पूरे मार्ग पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। दो दिन में होगा अधिकांश प्रतिमाओं का विसर्जन केंद्रीय दुर्गापूजा महासमिति के अध्यक्ष अरुण शुक्ल और महामंत्री राकेश वर्मा के अनुसार, जिले में कुल 2,397 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इनमें से 20 अक्टूबर को सदर, तरबगंज और मनकापुर तहसील क्षेत्रों की करीब 1,850 प्रतिमाओं का विसर्जन होगा। वहीं, 21 अक्टूबर को कर्नलगंज और कटरा ब्लॉक क्षेत्र की लगभग 550 प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। नगर क्षेत्र में ऐतिहासिक खैरा भवानी मंदिर के पोखरे समेत कई प्रमुख स्थलों को विसर्जन के लिए चिह्नित किया गया है। कर्नलगंज क्षेत्र के लिए सरयू घाट पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग अयोध्या ले जाकर सरयू नदी में भी प्रतिमाओं का विसर्जन करेंगे। 3 हजार पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा प्रशासन ने विसर्जन स्थलों पर रोशनी, मजबूत बैरिकेडिंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। विसर्जन शोभायात्राओं के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए दो एडिशनल एसपी, सात सीओ, 17 थाना अध्यक्ष और करीब 3,000 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। शोभायात्रा मार्गों पर ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की सादे कपड़ों में भी तैनाती की जाएगी। 20 और 21 अक्टूबर को घाटों पर कुशल गोताखोरों के साथ एसडीआरएफ की टीमें भी अलर्ट रहेंगी, ताकि किसी आपात स्थिति में तत्काल मदद पहुंचाई जा सके। अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन और शराब पीकर जुलूस में शामिल होने पर रोक विसर्जन से पहले पुलिस ने दुर्गापूजा कमेटियों के आयोजकों के साथ बैठक कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। जुलूस में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। साथ ही शराब पीकर जुलूस में शामिल नहीं होने की सख्त हिदायत दी गई है। गोंडा-बलरामपुर मार्ग पर नर्म मंदिर के पास विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। यहां बड़े वाहनों की तैनाती के साथ पीएसी भी लगाई जाएगी। पिछले वर्षों में इस स्थान पर प्रतिमा विसर्जन के दौरान विवाद होने के कारण प्रशासन ने पहले से सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी, पड़ोसी जिलों से समन्वय डीएम प्रियंका निरंजन ने घाटों पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के लिए एडीएम प्रमोद झा, सीडीओ दयानंद प्रसाद, सीआरओ रिंकी जायसवाल और सभी एसडीएम को जिम्मेदारी सौंपी है। अलग-अलग घाटों पर मजिस्ट्रेट और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने बताया कि प्रतिमा विसर्जन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले की सीमा से लगे अयोध्या और बस्ती में भी विसर्जन होना है। इसे देखते हुए दोनों जिलों के पुलिस अधिकारियों से समन्वय बनाया गया है। डीआईजी गोंडा देवीपाटन परिक्षेत्र अशोक कुमार शुक्ल ने चारों जिलों में पूजा समितियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को शोभायात्राओं के दौरान लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहने और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
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