अलीगढ़ में पुलिस पर फायरिंग के आरोपी को सजा:टप्पल के 12 वर्ष पुराने मुकदमे में आरोपी कोर्ट में कबूला जुर्म, 8 साल की सजा
टप्पल में वर्ष 2014 में पुलिस टीम पर जानलेवा हमला और फायरिंग करने के आरोपी पवन ने सोमवार को अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया। करीब आठ साल से जेल में बंद पवन को अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-01 के न्यायाधीश विपिन कुमार-II ने दोषी करार दिया। उसे आठ साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं 8 हजार 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
एडीजीसी फौजदारी मेपे सिंह के अनुसार मामला 26 जनवरी 2014 का है। उस रात टप्पल पुलिस टीम वांछित आरोपियों और लूटी गई गाड़ी की तलाश में गश्त कर रही थी। तड़के करीब 4:30 बजे टीम हजियापुर तिराहे पर पहुंची। इसी दौरान सालपुर की तरफ से एक छोटी चार पहिया गाड़ी और मोटरसाइकिल आती दिखाई दी।
पुलिस ने दोनों वाहनों को रुकने का इशारा किया तो आरोपियों ने पुलिसकर्मियों को पहचानकर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने पुलिस टीम पर चार-पांच राउंड फायरिंग कर दी। पुलिसकर्मियों ने वाहन और जमीन की आड़ लेकर अपनी जान बचाई और आरोपियों का पीछा शुरू कर दिया। हजियापुर तिराहे से सालापुर रोड की ओर करीब 50 कदम की दूरी पर स्विफ्ट डिजायर और मोटरसाइकिल सवार दो लोगों को पकड़ लिया गया, जबकि अन्य आरोपी फरार हो गए।
कोर्ट में कहा- परिवार में मैं ही अकेला कमाने वाला
28 सितंबर को पवन को जिला कारागार से अदालत में पेश किया गया। उसने अधिवक्ता राकेश कुमार शर्मा के माध्यम से जुर्म स्वीकार करने का प्रार्थना पत्र दिया। पवन ने कहा कि वह करीब आठ साल से जेल में बंद है और परिवार में वही अकेला कमाने वाला है। उसने जेल में बिताई अवधि को ही सजा मानकर मुकदमा समाप्त करने की मांग की। अदालत ने उसका बयान दर्ज करने के बाद जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर उसे दोषी करार देकर सजा सुनाई है।
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