अम्बेडकरनगर में धड़ल्ले से चल रहा नशे का कारोबार:20 ग्राम हेरोइन की बरामदगी ने खोली परतें, सप्लायरों तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती
अम्बेडकरनगर के टांडा थाना इलाके में नशे का कारोबार अब केवल गांजा या अवैध शराब तक सीमित नहीं दिख रहा। स्मैक और हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों की बरामदगी और युवाओं में नशे की बढ़ती लत को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई में आरोपी पकड़े भी जा रहे हैं, लेकिन इन कार्रवाइयों के बीच सबसे बड़ा सवाल नशे की सप्लाई लाइन और इसके पीछे सक्रिय लोगों तक पहुंचने का है। टांडा पुलिस की हालिया कार्रवाई में 20 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। 30 सितंबर को कोतवाली टांडा पुलिस ने धर्मनगर हाईवे के पास मोहम्मद जुबेर उर्फ पकौड़ा को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 20 ग्राम हेरोइन बरामद होने का दावा पुलिस ने किया। इसकी कीमत करीब 4 लाख के आसपास बताई जा रही है। आरोपी सिकंदरपुर, थाना सम्मनपुर का निवासी है और पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेजा गया। इससे पहले 20 अप्रैल 2024 को टांडा कोतवाली पुलिस ने सिकंदराबाद क्षेत्र में 570 ग्राम गांजा पकड़ा था। काशीराम आवास जाने वाले मार्ग से हयातगंज निवासी वीरेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके अलावा नशे से जुड़े मामलों में न्यायालय की कार्रवाई भी टांडा तक पहुंची है। सात दिसंबर 2019 के स्मैक बरामदगी मामले में कश्मीरिया निवासी मनोज चौहान को अगस्त 2026 में विशेष एनडीपीएस अदालत ने चार वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। गिरफ्तारी हो रही, लेकिन सप्लायर तक कार्रवाई कब टांडा में पुलिस की कार्रवाई के आंकड़े यह बताते हैं कि नशीले पदार्थों के साथ पकड़े जाने वाले आरोपियों पर मुकदमे दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई हो रही है। लेकिन हर कार्रवाई के बाद एक सवाल फिर खड़ा होता है, नशे की खेप टांडा तक पहुंचाने वाला कौन है और इसके पीछे का नेटवर्क कितना बड़ा है। अब असली चुनौती उस नेटवर्क तक पहुंचने की है, जहां से नशीले पदार्थों की सप्लाई होती है।
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