अमरोहा में पितृ-अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई डुबकी:ब्रजघाट और तिगरी धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, पितरों के लिए किया पिंडदान
अमरोहा में पितृ अमावस्या पर ब्रजघाट और तिगरी गंगा धाम में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान व तर्पण किया। श्रद्धालुओं ने पुरोहितों को दान-दक्षिणा देकर पुण्य कमाया। गंगा स्नान का सिलसिला सुबह 4 बजे से दोपहर 11:30 बजे तक चला। हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान के अलावा गाजियाबाद, मुरादाबाद और हापुड़ समेत कई जिलों से श्रद्धालु शुक्रवार रात ही ब्रजघाट और तिगरी पहुंच गए थे। भोर होते ही लोगों ने पितरों के लिए तर्पण शुरू कर दिया। दिन चढ़ने के साथ ही घाट श्रद्धालुओं से भर गए। तिगरीधाम में तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं का अनुमान ब्रजघाट की तरह तिगरीधाम में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। यहां बड़ी संख्या में लोगों ने गंगा स्नान कर पितरों के निमित्त धार्मिक अनुष्ठान किए। तिगरीधाम में तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। महालया अमावस्या पर तर्पण और श्राद्ध का महत्व पंडित गंगा शरण शर्मा ने बताया कि पितृपक्ष की अमावस्या को महालया अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन पितरों का तर्पण और श्राद्ध कर्म कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पितृदोष से मुक्ति के लिए श्राद्ध कर्म का विशेष महत्व है।
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