AMU वीसी से मिलने पहुंचीं सुमैया राना:बाब-ए-सैयद पर रोकी गाड़ियां; पैदल आवास तक गईं, फिर भी नहीं हुई मुलाकात, सपा प्रवक्ता बोलीं- भूख हड़ताल पर बैठे छात्र की हालत बिगड़
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में छात्रसंघ बहाली और भूख हड़ताल पर बैठे छात्र याशिर फहद के निलंबन की बहाली की मांग को लेकर चल रहा धरना सोमवार को 15वें दिन में पहुंच गया। इसी बीच समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुमैया राना सोमवार दोपहर करीब 3 बजे एएमयू कुलपति से मुलाकात करने कैंपस पहुंचीं। उनकी गाड़ियों को बाब-ए-सैयद गेट पर ही रोक दिया गया। प्रॉक्टर कार्यालय के अधिकारियों और सुरक्षा कर्मचारियों से काफी प्रयास के बाद भी वाहन अंदर नहीं जाने दिए गए। इसके बाद सुमैया राना पैदल ही कुलपति आवास तक पहुंचीं, लेकिन वहां भी उनकी मुलाकात नहीं हो सकी।
कुलपति आवास से लौटने के बाद सुमैया राना प्रशासनिक भवन पहुंचीं। यहां भी उन्होंने काफी देर तक अंदर जाकर कुलपति से मिलने का प्रयास किया। प्रॉक्टर कार्यालय के अधिकारियों की ओर से कहा गया कि पहले संदेश भेजकर मुलाकात का समय लिया जाए, इसके बाद ही मिलने की अनुमति मिल सकेगी। काफी देर तक इंतजार और प्रयास के बाद सुमैया राना वापस लौट गईं।
उन्होंने कहा कि वह मंगलवार तक अलीगढ़ में हैं। संदेश के जरिए कुलपति से मुलाकात का प्रयास करेंगी और मुलाकात किए बिना वापस नहीं जाएंगी।
‘भूख हड़ताल पर बैठे बच्चे की हालत बिगड़ रही, वीसी मिलने तक नहीं गईं’
मीडिया से बातचीत में सुमैया राना ने एएमयू इंतजामिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि याशिर फहद अपनी मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठा है और उसकी हालत बिगड़ रही है। इसके बावजूद कुलपति उससे मिलने तक नहीं जा रही हैं। उन्होंने कहा कि एक महिला होने के नाते भी उनसे यह उम्मीद थी कि कुलपति छात्र की स्थिति जानने के लिए स्वयं उससे मिलने जाएंगी।
सुमैया राना ने छात्रसंघ बहाली की मांग को लोकतांत्रिक अधिकार से जोड़ते हुए कहा कि छात्र अपनी आवाज उठाने के लिए यूनियन की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ छात्रों की आवाज बुलंद करता है और उसकी बहाली न होने से छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
‘सरकार के सहारे हो रहा सब कुछ’
सपा प्रवक्ता ने एएमयू के मौजूदा घटनाक्रम को लेकर सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के सहारे यह सब हो रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ छात्रों की आवाज का मंच है और उसकी बहाली नहीं होने से छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वह जनहित के मुद्दों के साथ खड़ी हैं। दिल्ली का मामला हो या एएमयू का, जहां भी लोगों की आवाज उठ रही है, वह उनके साथ रहेंगी। उन्होंने एएमयू के घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही छात्र मांगों को सुना जाना चाहिए।
सपा नेताओं के साथ पहुंचीं
सुमैया राना के साथ समाजवादी पार्टी महिला सभा की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह, स्थानीय सपा नेता ख्वाजा जुब्रान समेत अन्य लोग मौजूद रहे। कैंपस में प्रवेश से लेकर प्रशासनिक भवन के बाहर तक काफी देर तक हलचल रही। हालांकि कुलपति से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी।
इधर, याशिर फहद की डक पॉइंट पर भूख हड़ताल जारी है और छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर धरना 15वें दिन भी चल रहा है। अब मंगलवार को सुमैया राना की कुलपति से मुलाकात की कोशिश और उसके बाद के रुख पर नजर रहेगी।
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