अतीक गैंग, करीबियों पर फिर पुलिस का एक्शन:प्रयागराज में FIR, गैंगस्टर एक्ट, बुल्डोजर एक्शन से खलबली, कई रडार पर
प्रयागराज में IS-225 गैंग के लीडर रहे माफिया अतीक अहमद के करीबियों और रिश्तेदारों पर पुलिस-प्रशासन का एक बार फिर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। अतीक के रिश्ते में दामाद लगने वाले खालिद जफर के कालिंदीपुरम स्थित कार्यालय को PDA ने बुलडोजर से ढहा दिया। वहीं, अतीक के साढ़ू इमरान समेत उसके पूरे परिवार पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा अतीक के चचेरे भाई राशिद उर्फ नीलू और भूमाफिया जैद खालिद समेत 10 लोगों के खिलाफ पूरामुफ्ती थाने में गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई है। इन मामलों में जमीन की खरीद-फरोख्त में फर्जीवाड़ा, सरकारी जमीन पर कब्जा और धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए हैं। खालिद जफर के ऑफिस पर चला बुलडोजर अतीक अहमद के फाइनेंस मैनेजर और उसकी बहन के दामाद बताए जाने वाले खालिद जफर का कालिंदीपुरम स्थित हिमालयन प्रॉपर्टी के नाम से कार्यालय ध्वस्त किया गया है। PDA ने इस कार्यालय को वर्ष 2017 में सील किया था। PDA अधिकारियों के मुताबिक, यहां कुल 16 दुकानें बनाई गई थीं। इनमें 14 दुकानों को लेकर हाईकोर्ट में मामला लंबित है, जबकि खालिद जफर के कार्यालय वाली दो दुकानों पर कोई मामला अदालत में विचाराधीन नहीं है। इसी आधार पर दोनों दुकानों को ध्वस्त किया गया। PDA के जोनल अधिकारी सूरज पटेल के मुताबिक, कालिंदीपुरम में प्राधिकरण की करीब 1,500 वर्गमीटर बेशकीमती जमीन है। आरोप है कि इस जमीन पर अवैध कब्जा कर खालिद जफर, नौशाद और हामिद ने 16 दुकानें बनवाई थीं। इमरान को गैंग लीडर, परिवार के तीन सदस्य गैंग के सदस्य करेली पुलिस ने अतीक के साढ़ू मोहम्मद इमरान समेत उसके परिवार पर उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। करेली थाने में दर्ज मुकदमे में इमरान को गैंग लीडर बताया गया है। इमरान के भाई जीशान उर्फ जानू, दूसरे भाई मोहम्मद कामरान और मां जाहिदा बेगम को गैंग का सदस्य बताया गया है। कसारी-मसारी निवासी इमरान बिल्डर है और उसका परिवार अतीक का करीबी रिश्तेदार रहा है। हालांकि, अतीक-अशरफ हत्याकांड से पहले जीशान उर्फ जानू का अतीक परिवार से विवाद हो गया था। जानू ने अतीक परिवार के खिलाफ कई मुकदमे भी दर्ज कराए थे। इन मामलों में निचली अदालत में गवाही चल रही है। करेली थाना प्रभारी सच्चिदानंद सिंह की तहरीर पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पूरामुफ्ती में 10 लोगों पर FIR पूरामुफ्ती थाने में अतीक के करीबियों पर भी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें अतीक के चचेरे भाई राशिद उर्फ नीलू और भूमाफिया जैद खालिद समेत 10 लोगों को नामजद किया गया है। नामजद आरोपियों में मुमताज अहमद निवासी शेरगढ़ कसिया, मूरतगंज, कौशांबी; राहिल सिद्दीकी निवासी कटघर; महमूद अख्तर निवासी चफरी अटरामपुर उर्फ नवाबगंज, सोरांव; अबू जैद; धीरेन्द्र प्रताप सिंह निवासी कालिंदीपुरम और मो. दानिश निवासी भरेठा मोहिउद्दीनपुर शामिल हैं। इन पर जमीनों की खरीद-फरोख्त में फर्जीवाड़ा, खरीदे गए हिस्से से अधिक जमीन का बैनामा कराने, सरकारी जमीन पर कब्जा करने और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। उमेश पाल हत्याकांड के बाद चला था ऑपरेशन अतीक उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस ने अतीक गैंग और उसके करीबियों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी। पुलिस-प्रशासन ने गैंग से जुड़ी करीब 3,000 करोड़ रुपए की संपत्तियों को जब्त और कुर्क करने की कार्रवाई की थी। करीब 200 करीबी जेल भेजे गए थे। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अतीक गैंग से जुड़े लोगों और उनकी संपत्तियों को चिह्नित कर कार्रवाई की गई थी। वर्तमान में अतीक का बड़ा बेटा उमर लखनऊ जेल में बंद है, जबकि अली झांसी जेल में है। गैंग के अन्य सदस्य नैनी सेंट्रल जेल समेत देवरिया, आगरा, झांसी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी और ललितपुर की जेलों में बंद हैं। शूटरों को शरण देने का भी आरोप उमेश पाल हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस के सामने आया था कि वारदात के बाद शूटरों ने खालिद जफर के चकिया स्थित ठिकाने पर शरण ली थी। पुलिस जांच के मुताबिक, इसी ठिकाने पर शूटरों की मुलाकात अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन से हुई थी। इसके बाद शूटर वहां से फरार हो गए थे। खालिद जफर पर रियल एस्टेट कारोबार को लेकर अतीक अहमद के नाम पर उमेश पाल को धमकी देने का आरोप भी लगा था। इस संबंध में धूमनगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अलावा रंगदारी मांगने के मामले में उसके वांछित रहने की बात सामने आई थी। उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट और कुर्की की कार्रवाई भी की गई थी। करेली-धूमनगंज-पूरामुफ्ती में कार्रवाई अतीक के करीबियों के खिलाफ प्रयागराज के करेली, धूमनगंज, एयरपोर्ट और पूरामुफ्ती थाना क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इनमें ज्यादातर मामले जमीन की खरीद-फरोख्त, अवैध कब्जे, सरकारी जमीन पर कब्जे और धमकी से जुड़े हैं। पुलिस और प्रशासन की ताजा कार्रवाई से अतीक गैंग से जुड़े लोगों में एक बार फिर खलबली मची हुई है।
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