अतीक के बेटे अहजम का भावुक पोस्ट वायरल:मां शाइस्ता और भाई अबान की तस्वीर की पोस्ट लिखा- ‘गुजर तो जाएगी तुम्हारे बगैर, मगर बहुत उदास गुजरेगी
माफिया अतीक अहमद के बेटे अह्जम के नाम से सोशल मीडिया पर एक भावुक मैसेज वायरल हो रहा है। पोस्ट में मां शाइस्ता परवीन और छोटे भाई अबान के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा गया है, ‘गुजर तो जाएगी तुम्हारे बगैर, मगर बहुत उदास गुजरेगी। बहुत बेकरार गुजरेगी।’ इसके साथ ही एक और शेर लिखा गया है, ‘मुझे मालूम न था, सारा घर ले गया घर छोड़ के जाने वाला।’ इस पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है। हालांकि, संबंधित अकाउंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर पोस्ट को लेकर चर्चा इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। पोस्ट में मां और छोटे भाई के साथ तस्वीर के जरिए भावनात्मक संदेश साझा किया गया है। हालांकि, संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हुई है। यह स्पष्ट नहीं है कि अकाउंट वास्तव में अह्जम का है या इसे कोई अन्य व्यक्ति संचालित कर रहा है। ऐसे में पोस्ट की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। कार एक्सीडेंट में अबान की हुई थी मौत 6 अगस्त की सुबह 5 बजे झांसी से करीब 70 किलोमीटर पहले अबान की कार हाइवे पर डिवाइडर से टकरा गई थी। इस हादसे में अबान, उसके दोस्त सहित दो की मौत हो गई थी जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। झांसी में बंद भाई से मिलने जा रहा था अबान 21 साल का अबान प्रयागराज से झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली से मिलने निकला था। वह क्रेटा कार में चार दोस्तों के साथ जा रहा था। वह 6 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे घर से निकला था। करीब 10:30 बजे झांसी से लगभग 70 किलोमीटर पहले पूंछ थाना क्षेत्र में कार हाईवे पर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार करीब 10 फीट तक उछलकर नीचे गिरी। उसके टुकड़े करीब 40 फीट तक हाईवे पर बिखर गए। कार का बायां हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी पांच लोग अंदर फंस गए। पुलिस और राहगीरों ने कार का दरवाजा तोड़कर सभी को बाहर निकाला। आगे की सीट पर बैठे अबान और उसके पीछे बैठे दोस्त सोनू की मौके पर ही मौत हो गई। घायल उमर अहमद, मोहम्मद जैद और फारुक अहजम को मेडिकल कॉलेज भेजा गया। पिता अतीक की कब्र के बगल में दफनाया गया था 8 अगस्त को अबान को प्रयागराज में पिता अतीक की कब्र के बगल में दफनाया गया था। तीनों भाइयों अली, उमर और अहजम ने अबान को कंधा दिया था। मां शाइस्ता परवीन बेटे के जनाजे में शामिल नहीं हुई। वह पति अतीक और बेटे असद के जनाजे में भी नहीं पहुंची थी। शाइस्ता 2023 से फरार है। भाई के जनाजे में शामिल होने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट से अली-उमर को पैरोल मिली थी। इसके बाद पुलिस झांसी से अली और लखनऊ से उमर को लेकर आई थी। दोनों का चेहरा न दिखे, इसलिए वैन पर पर्दे डाल दिए गए थे। अली-उमर को 4 साल में पहली बार पैरोल मिली थी।
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