अतीक के साढ़ू इमरान समेत पूरे परिवार पर गैंगस्टर:बिल्डर इमरान को गैंग लीडर बताया, 3 पर सदस्य होने का आरोप; करेली थाने में FIR

Oct 02, 2026 - 13:54
0
अतीक के साढ़ू इमरान समेत पूरे परिवार पर गैंगस्टर:बिल्डर इमरान को गैंग लीडर बताया, 3 पर सदस्य होने का आरोप; करेली थाने में FIR
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के साढ़ू मोहम्मद इमरान समेत उसके पूरे परिवार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। करेली थाने में उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। FIR में इमरान को गैंग का लीडर बताया गया है, जबकि उसके भाई जीशान उर्फ जानू, मोहम्मद कामरान और मां जाहिदा बेगम को गैंग का सदस्य बताया गया है। करेली थाना प्रभारी सच्चिदानंद सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना अतरसुइया के सहायक पुलिस आयुक्त को सौंपी गई है। सरकारी जमीन से जुड़ी प्लॉटिंग का आरोप FIR में पुलिस ने आरोप लगाया है कि गैंग के सदस्य कूटरचित दस्तावेज तैयार कर सरकारी जमीन की सीलिंग और कब्जे से जुड़ी जमीन को अनधिकृत तरीके से बेचने और उसकी प्लॉटिंग करने का काम करते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ करेली थाने में पहले दर्ज सात मुकदमों का भी FIR में उल्लेख किया है। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मामले दर्ज होने की बात कही गई है। ये मुकदमे 2025 और 2026 में दर्ज किए गए बताए गए हैं। कसारी-मसारी का रहने वाला है इमरान मोहम्मद इमरान प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके का रहने वाला है और बिल्डर बताया गया है। उसका परिवार माफिया अतीक अहमद का सगा रिश्तेदार है। हालांकि अतीक-अशरफ हत्याकांड से पहले ही इमरान के भाई जीशान उर्फ जानू और अतीक परिवार के बीच विवाद गहरा गया था। जानू की ओर से अतीक परिवार के खिलाफ कई FIR भी दर्ज कराई गई थीं। इन मामलों में निचली अदालत में गवाही की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस ने पुराने मुकदमों को बनाया आधार गैंगस्टर की FIR में करेली थाने में दर्ज सात पुराने मामलों को आधार बनाया गया है। पुलिस ने आरोपियों की कथित आपराधिक गतिविधियों और जमीन से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। FIR में इमरान को गैंग लीडर और उसके भाई जीशान उर्फ जानू, मोहम्मद कामरान तथा मां जाहिदा बेगम को गैंग का सदस्य बताया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले की विवेचना अतरसुइया के सहायक पुलिस आयुक्त को सौंपी गई है। पुलिस FIR में लगाए गए आरोपों, पुराने मुकदमों और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User