औरैया में 72 घंटे बाद भी महिला की शिनाख्त नहीं:अपनों का पता नहीं चला तो इटावा के रक्तदाता समूह ने कराया अंतिम संस्कार
औरैया में बेला थाना क्षेत्र के दलपपुर गांव के जंगल में पांच फीट गहरे गड्ढे से बरामद अज्ञात महिला के शव की 72 घंटे बाद भी पहचान नहीं हो सकी। पुलिस और परिजनों की तलाश के बावजूद जब कोई उसे अपना बताने नहीं पहुंचा तो इटावा के रक्तदाता समूह के सदस्यों ने इंसानियत का रिश्ता निभाते हुए गुरुवार शाम करीब पांच बजे महिला का विधिवत अंतिम संस्कार कराया। दलपपुर गांव स्थित वन विभाग के क्षेत्र में रविवार को ग्रामीणों ने एक गड्ढे में महिला का शव दबा देखा था। ग्रामीणों की सूचना पर बेला थाना प्रभारी अमर बहादुर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव करीब पांच फीट गहरे गड्ढे में दबा था, जिसे बाहर निकालना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। काफी मशक्कत के बाद जेसीबी की मदद से शव को गड्ढे से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया। इसके बाद महिला की पहचान कराने के लिए आसपास के जिलों और संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। 72 घंटे में भी नहीं मिली पहचान पुलिस ने महिला की शिनाख्त के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन 72 घंटे बीतने के बाद भी उसकी पहचान नहीं हो सकी। न कोई रिश्तेदार सामने आया और न ही कोई ऐसा व्यक्ति मिला, जो महिला को अपना बता सके। पहचान नहीं होने के कारण शव को लेने भी कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद इटावा के रक्तदाता समूह के सदस्यों ने महिला के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाई। शरद तिवारी, सौरभ परिहार और अजय कुमार ने पुलिस की मौजूदगी में गुरुवार शाम करीब पांच बजे महिला का विधिवत अंतिम संस्कार कराया। इस दौरान कांस्टेबल राहुल चौधरी और महिला कांस्टेबल गुंजन भी मौजूद रहीं। महिला की जिंदगी गुमनामी में खत्म हुई और आखिरी समय में भी उसके अपनों का साथ नहीं मिला। हालांकि, रक्तदाता समूह के सदस्यों ने आगे बढ़कर उसका अंतिम संस्कार कर यह सुनिश्चित किया कि उसका आखिरी सफर भी अकेला न रहे।
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