बागपत में डॉक्टरों-फार्मासिस्टों पर FIR:72 घंटे में केस रद्द नहीं हुआ तो करेंगे कार्य बहिष्कार
बागपत में डॉक्टरों और फार्मासिस्टों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। यह चेतावनी जिला संयुक्त चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग वार्ष्णेय, डॉ. विकान्त चौबे और फार्मासिस्ट मोहित कुमार पर केस दर्ज होने के बाद दी गई है। इस घटना से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में नाराजगी है। विरोध में 13 अक्टूबर को जिला चिकित्सालय में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ और फार्मासिस्ट एसोसिएशन समेत कई संगठनों की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. यशवीर सिंह ने की। बैठक में डॉक्टरों, फार्मासिस्टों और अन्य कर्मचारियों ने केस दर्ज होने पर नाराजगी जताई। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकारी डॉक्टर पर केस दर्ज करने से पहले सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के नियमों का पालन नहीं किया गया। सबने मिलकर तय किया कि अगर 72 घंटे के भीतर केस रद्द नहीं हुआ, तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी आंदोलन करेंगे। इसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन बागपत की होगी। आंदोलन कई चरणों में होगा। पहले काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। इसके बाद रोज दो घंटे काम बंद रखने का फैसला लिया गया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज होगा। अब सबकी नजरें पुलिस प्रशासन के अगले कदम और संगठन की मांग पर होने वाली कार्रवाई पर हैं।
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