बच्चे को गलत इंजेक्शन लगाने के मामले में फार्मासिस्ट निलंबित:सांप के काटने पर एंटी रैबीज इंजेक्शन दिया; पर्चे पर डॉक्टर के साइन भी नहीं थे

Sep 29, 2026 - 22:20
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बच्चे को गलत इंजेक्शन लगाने के मामले में फार्मासिस्ट निलंबित:सांप के काटने पर एंटी रैबीज इंजेक्शन दिया; पर्चे पर डॉक्टर के साइन भी नहीं थे
संभल के डीएम अंकित खंडेलवाल ने जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट मनोज कुमार को निलंबित कर दिया है। फार्मासिस्ट के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। यह कार्रवाई डीएम ने सांप काटने के बाद बच्चे को एंटी वेनम की जगह एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाने के मामले में की है। डीएम ने मंगलवार रात 8:30 बजे कार्रवाई की जानकारी मीडिया को दी। मामला जिला मुख्यालय बहजोई से करीब 35 किमी दूर थाना कैलादेवी क्षेत्र के मूसापुर गांव का है। यहां 21 सितंबर की दोपहर करीब 1:30 बजे सांप के काटने के बाद 4 साल के बच्चे को जिला संयुक्त चिकित्सालय लाया गया था। आरोप है कि बच्चे को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगा दिया गया, जबकि उसे एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) दिया जाना था। इसके बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई। कंचे निकालते समय सांप ने काटा था मूसापुर गांव निवासी अबुल हसन का 4 साल का बेटा दीप 21 सितंबर की दोपहर करीब 1:30 बजे घर के आंगन में कंचे खेल रहा था। एक कंचा दीवार के छेद में चला गया। उसे निकालते समय वहां मौजूद सांप ने बच्चे की अंगुली में काट लिया। चाचा तबारक हुसैन घटना के करीब 20 मिनट बाद बच्चे को जिला संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंचे। पर्चे पर डॉक्टर के हस्ताक्षर नहीं मिले जांच में सामने आया कि बच्चे का इमरजेंसी ओपीडी में रजिस्ट्रेशन हुआ था। उसके नाम से पर्चा (संख्या 197927) जारी किया गया। पर्चे पर किसी डॉक्टर के साइन नहीं मिले। जांच के अनुसार फार्मासिस्ट मनोज कुमार सिंह ने अपने स्तर से दवा-इंजेक्शन दिया। बच्चे को एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने के लिए भेजा। कमरा नंबर 14 में तैनात कर्मचारियों ने पर्चे के आधार पर इंजेक्शन लगा दिया। आरोप है कि बच्चे को एंटी रेबीज वैक्सीन लगा दी गई, जबकि सांप के काटने के मामले में उसे एंटी स्नेक वेनम दिया जाना था। इंजेक्शन लगने और दवा दिए जाने के बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई। डीएम के निर्देश पर हुई संयुक्त जांच डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार और सीएमओ डॉ. तरुण पाठक ने मामले की संयुक्त जांच की। टीम ने डॉक्टर, फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय समेत चार लोगों के बयान दर्ज किए। दो लोगों के बयान बाद में दर्ज किए जाने थे। जांच टीम ने जिला संयुक्त चिकित्सालय का सीसीटीवी फुटेज भी देखा। जांच में यह भी सामने आया कि बच्चे को तत्काल चिकित्सकीय निगरानी में रखने और संबंधित डॉक्टर से उसका परीक्षण कराने की प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। महानिदेशक ने अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की ओर से फार्मासिस्ट मनोज कुमार के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में उत्तर प्रदेश भेषजिक (फार्मासिस्ट) सेवा नियमावली, 1980 का उल्लेख किया गया है। पत्र के मुताबिक जनपद स्तर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक या अधीक्षिका नियुक्ति प्राधिकारी होते हैं। संबंधित सक्षम अधिकारी को आरोप पत्र तैयार कर उपलब्ध कराने और की गई कार्रवाई की जानकारी शासन व महानिदेशालय को देने के निर्देश दिए गए हैं। 170 घंटे वेंटिलेटर पर रहा बच्चा चाचा तबारक हुसैन ने बताया कि जिला अस्पताल में इलाज के बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई थी। इसके बाद उसे संभल कोतवाली क्षेत्र के हसीना बेगम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। चाचा के अनुसार, करीब 170 घंटे वेंटिलेटर पर इलाज चलने के बाद सोमवार रात में बच्चे को आईसीयू में शिफ्ट किया गया है। हालांकि उसकी हालत में अभी ज्यादा सुधार नहीं हुआ है। परिजनों के मुताबिक बच्चे के इलाज में अब तक ढाई लाख रुपए से ज्यादा खर्च हो चुके हैं।

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