भाजपा के तीन पदाधिकारियों पर छेड़छाड़-गैंगरेप की FIR:अलीगढ़ में कोर्ट के आदेश पर बन्नादेवी थाने में FIR; महिला ने सौरभ चौधरी समेत तीन पर लगाए आरोप

Oct 05, 2026 - 20:41
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भाजपा के तीन पदाधिकारियों पर छेड़छाड़-गैंगरेप की FIR:अलीगढ़ में कोर्ट के आदेश पर बन्नादेवी थाने में FIR; महिला ने सौरभ चौधरी समेत तीन पर लगाए आरोप
भाजपा से जुड़े तीन पदाधिकारियों के खिलाफ महिला से छेड़छाड़, गंभीर यौन उत्पीड़न, मारपीट, धमकी और जातिसूचक अपराध के आरोप में बन्नादेवी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बाद सौरभ चौधरी, पंकज दिवाकर और लोकेश नागर के खिलाफ BNS की धारा 74, 296, 115(2), 352, 70(1), 351(3) और SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत FIR दर्ज की है। मामला 19 मार्च की घटना से जुड़ा है। महिला ने आरोप लगाया है कि 19 मार्च को वह न्यायालय से लौटकर नोएडा जा रही थी। दोपहर करीब 2:30 बजे सारसौल चौराहे के पास फॉरच्यून होटल के बाहर तीनों आरोपियों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि उसके साथ अश्लील टिप्पणी और छेड़छाड़ की गई। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट की गई। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसका मुंह दबाया और उसके साथ गंभीर यौन उत्पीड़न किया। शोर मचाने पर आसपास के लोगों के जुटने की भनक लगते ही आरोपी भाग गए। जाते समय पुलिस में शिकायत करने पर हत्या कराने की धमकी देने का भी आरोप है। तीनों के खिलाफ गंभीर धाराएं FIR में BNS की धारा 70(1) सामूहिक दुष्कर्म, धारा 74 महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से हमला/बल प्रयोग, धारा 115(2) गंभीर चोट, धारा 351(3) गंभीर आपराधिक धमकी और धारा 3(2)(v) SC/ST एक्ट के तहत अपराध का प्रावधान शामिल है। इसके अलावा सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता और जानबूझकर अपमान से जुड़ी धाराएं भी लगाई गई हैं। महिला ने खुद को सौरभ की पत्नी बताया शिकायतकर्ता महिला ने खुद को अनुसूचित जाति की बताते हुए सौरभ चौधरी की पत्नी और एक छात्र संगठन की पूर्व पदाधिकारी बताया है। उसका कहना है कि सौरभ चौधरी से उसका लंबे समय से विवाद चल रहा है और इसी से जुड़े मुकदमों की पैरवी के लिए वह अलीगढ़ न्यायालय आती-जाती रही है। पहले शिकायत, फिर कोर्ट पहुंचा मामला महिला का आरोप है कि उसने घटना के संबंध में पहले पुलिस और अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उसने 18 मई 2026 को एसएसपी को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजने का भी दावा किया था। इसके बाद कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया गया। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट प्रतिभा सक्सेना-II ने 25 सितंबर को पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना के निर्देश दिए थे। पुलिस रिपोर्ट में नहीं मिले थे पुष्टिकारक साक्ष्य कोर्ट में पेश पुलिस रिपोर्ट में महिला और सौरभ चौधरी के बीच कई वर्षों से विवाद होने और दोनों पक्षों के मुकदमे अदालत में विचाराधीन होने का उल्लेख था। पुलिस रिपोर्ट में जांच के दौरान आरोपों के संबंध में कोई पुष्टिकारक साक्ष्य नहीं मिलने की बात भी कही गई थी। रिपोर्ट में पंकज दिवाकर और लोकेश नागर के अनुसूचित जाति से संबंधित होने का भी उल्लेख किया गया था। सौरभ चौधरी ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि [यहां सौरभ चौधरी का वास्तविक वर्जन/बयान ज्यों का आशय रखते हुए लगाया जाएगा।

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