बहन बोली- भाभी बिना नहाए खाना बनाती थी:बहू का जवाब- ससुर मेरे पिता जैसे थे, लखीमपुर में बेटे ने मां-बाप को जिंदा जलाया था

Oct 21, 2026 - 05:34
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बहन बोली- भाभी बिना नहाए खाना बनाती थी:बहू का जवाब- ससुर मेरे पिता जैसे थे, लखीमपुर में बेटे ने मां-बाप को जिंदा जलाया था
'मेरी भाभी नहाकर खाना नहीं बनाती थी। हमारे यहां खाना नहाकर ही बनाया जाता है। मेरी मां भाभी को टोकती थी, तो वो भैया से शिकायत कर देती थी। घटना वाले दिन भी भाभी ने सुबह की बनी मशरूम की सब्जी पापा को दे दी, तो मां ने गुस्सा किया था। मुझे लगता है कि मेरे भैया बेकसूर हैं। भाभी ने ही मां-पिता को आग लगाई है।' यह कहना है लखीमपुर की उस महिला का, जिसके मां-पिता को पेट्रोल डालकर जला दिया गया। मंगलवार (20 अक्टूबर) को पिता की मौत हो गई, जबकि मां गंभीर हैं। वहीं, बहू का कहना है कि मेरे पिता नहीं हैं, मैं ससुर को ही पिता मानती थी। मेरा उनसे कभी झगड़ा तक नहीं हुआ। वहीं, मरने से पहले पिता ने बेटे पर आरोप लगाया था। पुलिस ने बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। मामला निघासन कोतवाली क्षेत्र का है। दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से 60 किमी दूर घटनास्थल पर पहुंची। घरवालों से बात कर पूरा मामला समझा। पढ़िए रिपोर्ट… पहले मामला समझिए… चखरा गांव में बलराम शाह (60) पत्नी बैजंती (58) के साथ रहते थे। मकान के आधे हिस्से में उनका इकलौता बेटा सपालू (30) पत्नी छाया (28) के साथ रहता है। सपालू और छाया की शादी 11 साल पहले हुई थी। दोनों के 3 बच्चे हैं। वहीं, बलराम की 3 बेटियां पूनम, ममता, नीलम भी हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। बलराम परिवार का भरण-पोषण करने के लिए गांव के चौराहे पर टिक्की-समोसे बेचते हैं। सपालू भी उसी चौराहे पर मोमोज की दुकान लगाता है। दोनों की दुकानें अलग-अलग हैं और घर से करीब 100 मीटर दूर हैं। बेटे-बहू का मां-पिता से होता था झगड़ा बलराम के पड़ोसी बताते हैं- सास बैजंती और बहू छाया के बीच अक्सर झगड़ा होता था। सपालू की भी अपने माता-पिता से नहीं बनती थी। शनिवार (17 अक्टूबर) रात करीब 10 बजे सास-बहू के बीच कहासुनी होने लगी। इसी दौरान सपालू भी वहां पहुंच गया। झगड़े के बीच मां ने उसे दूर रहने के लिए कहा, तो वह उनसे भी उलझ गया। बलराम बेटे को रोकने लगे। इस पर उसने पिता को धक्का दे दिया। इसके बाद गुस्से में बाहर खड़ी अपनी बाइक के पास गया और उससे पेट्रोल निकाल लाया। उसने छप्पर के नीचे खड़े माता-पिता पर पेट्रोल उड़ेल दिया और माचिस से आग लगा दी। इसमें बलराम की मौत हो गई, जबकि बैजंती का प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने बेटे सपालू को गिरफ्तार कर लिया है। पढ़िए बेटी ने क्या बताया… बलराम की बेटी ममता ने बताया- मेरी भाभी और मां का झगड़ा होता था। हादसे के बाद मां से मेरी बात हुई है। घटना वाले दिन मां ने लोबिया की सब्जी बनाई थी। भाभी ने मशरूम की सब्जी और चावल बनाया था। शाम को पिताजी ने भाभी से कहा कि कोई रसे वाली सब्जी हो तो दे दो। हम उससे रोटी खा लें। सूखी सब्जी से रोटी चल नहीं पाती है। मेरी भाभी ने मशरूम की सब्जी से सिर्फ रसा निकालकर पिताजी को दे दिया। पिताजी ने उसी सब्जी से खाना खा लिया। मेरी मां ने कहा कि दिनभर की जूठी सब्जी थी, तो बहू ने क्यों दी? वो बिना नहाए खाना बनाती है, तो उससे खाना क्यों मांगते हो? हमारे घर में ससुर-सास और पति के लिए खाना नहाकर ही बनाया जाता है। बहन बोली- भाई बेकसूर, भाभी की गलती इसके बाद भाभी ने पता नहीं भइया को क्या पढ़ाया? एक घंटे बाद आग लगा दी गई। पता नहीं भाई ने आग लगाई है या भाभी ने? मुझे तो मेरा भाई एकदम बेकसूर लग रहा है। अगर उसने आग लगाई होती, तो बुझाने की कोशिश क्यों करता? आग बुझाने में उसका हाथ भी झुलस गया है। पहले भी मां और भाभी का झगड़ा हुआ था, तो उन्होंने धमकी दी थी। पड़ोसियों के सामने भाभी ने कहा था कि हम तुमको जला देंगे। मेरा भाई मजदूरी भी करता है। अक्सर वो कमाने के लिए बाहर भी चला जाता था। भाभी का किसी दूसरे आदमी से संबंध भी है। मुझे लगता है कि भाभी ने ही ये आग लगाई है। बहू बोली- ससुर मेरे पिता जैसे थे बहू छाया ने बताया- शादी के बाद से मेरे पिता नहीं हैं। अपने सास-ससुर को ही माता-पिता मानती थी। घर में कभी झगड़ा नहीं हुआ। मेरे ससुर बहुत अच्छे थे। वो मुझसे कभी कुछ नहीं कहते थे। मेरे पति कोई नशा नहीं करते थे, लेकिन सास-ससुर शराब पीते थे। सास-ससुर का आपस में ही झगड़ा होता था। मेरे साथ कभी झगड़ा नहीं हुआ। घटना वाले वाली रात मैं बच्चों को सुलाते-सुलाते 8:30 बजे सो गई थी। तब तक ससुर दुकान बंद करके नहीं लौटे थे। रात में वो कब आए, मुझे पता नहीं चला। बाद में जब शोर मचना शुरू हुआ, तो मुझे पता चला। मैं जब वहां पहुंची, तब तक आग पूरी तरह बुझ चुकी थी। ससुर-सास और पति तीनों जल चुके थे। वे लोग और दर्द की वजह से चिल्ला रहे थे। तीनों को अस्पताल ले जाया गया। पहले मौत की खबर फिर जिंदा हुए, दूसरे दिन मौत बलराम को पहले निघासन CHC ले जाया गया। वहां से लखीमपुर के जिला अस्पताल ले जाया गया। हालत ज्यादा गंभीर होने पर KGMU लखनऊ रेफर किया गया। यहां पर सोमवार को उनकी मौत की खबर फैल गई। भाई राधे का कहना है- डॉक्टरों ने बताया था कि बलराम की हालत बेहद गंभीर है। हम लोगों ने ही कहा था कि घर ले जाना चाहते हैं। वहां से घर लौट रहे थे। इसी बीच गांव में मौत की खबर फैल गई। रास्ते में बलराम की सांस तेज-तेज चलने लगी, तो उन्हें फिर से एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट कराया। यहां मंगलवार (20 अक्टूबर) को शाम 6 बजे उनकी मौत हो गई। बलराम ने मौत से पहले बयान दिया था, जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। भतीजे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। चाचा बोले- भतीजे ने जलाया, बहू भी मिली है बलराम के छोटे भाई बग्गू लाल ने बताया- हम 4 भाई थे। बलराम सबसे बड़े थे। भतीजे ने पेट्रोल डालकर आग लगाई है। बहू झूठ बोल रही है कि वह सो रही थी। असल में वह सो नहीं रही थी। जब हम लोग पहुंचे, तो वह बच्चों को लेकर चारपाई पर बैठी थी। फिलहाल वह अपने मायके चली गई है। घर में पहले भी झगड़े होते रहते थे। बहू भी इस घटना में शामिल होगी, क्योंकि एक हाथ से ताली नहीं बजती। बहू को सामने लाया जाए। महिला पुलिस उससे पूछताछ करे। अगर लड़के को सजा मिलती है, तो बहू को भी सजा मिलनी चाहिए। क्योंकि लड़का जो कमा कर लाता था, वह उसे ही देता था। भाई बोले- गांववालों ने ईंट तोड़कर दरवाजा खोला छोटे भाई झब्बू लाल ने बताया- मैं रात में सो रहा था। शोर मचा, तो देखा कि आग लगी थी। दौड़कर वहां गए, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। बहुत शोर मचाया, तो गांव वाले भी आ गए। सब लोग इधर-उधर दौड़ते रहे, लेकिन घर का दरवाजा नहीं खुल पाया। आखिर में पड़ोसियों ने पीछे से ईंटें गिराईं और अंदर की कुंडी खोली। अंदर पहुंचे, तो सब कुछ जल चुका था। भतीजे के हाथ झुलसे थे। मैंने किसी को आग लगाते तो नहीं देखा, लेकिन घटना के वक्त सिर्फ यही लोग मौजूद थे। निघासन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक गोपाल नारायण सिंह ने बताया- लखनऊ में बलराम की इलाज के दौरान मौत हो गई है। आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। घरवालों के आरोपों की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें… लिवइन पार्टनर की हत्या की आरोपी मॉडल श्रद्धा गिरफ्तार, 11 दिन से फरार थी, यूपी एसटीएफ ने बहन-ड्राइवर के साथ नागपुर से पकड़ा लखनऊ के करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा हत्या की आरोपी लिवइन पार्टनर मॉडल श्रद्धा दुबे को मंगलवार को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। श्रद्धा पर 50 हजार का इनाम था। वह 11 दिन से फरार थी। दावा है कि वह लखनऊ से सीतापुर होते हुए बहराइच के रास्ते नेपाल पहुंच गई थी। पढ़ें पूरी खबर…

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