भ्रूण लिंग जांच रैकेट पकड़े जाने के बाद जागे अफसर:आगरा के 456 निजी अस्पताल और 150 रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों की होगी जांच

Sep 27, 2026 - 09:38
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भ्रूण लिंग जांच रैकेट पकड़े जाने के बाद जागे अफसर:आगरा के 456 निजी अस्पताल और 150 रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों की होगी जांच
आगरा में भ्रूण लिंग जांच के अंतरराज्यीय रैकेट का खुलासा होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। अब जिले के सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच की जाएगी। विभाग लाइसेंस और मरीजों के रिकॉर्ड की पड़ताल के साथ ही पुरानी अल्ट्रासाउंड मशीनों का भी ऑडिट करेगा। आशंका है कि रैकेट में शामिल लोग पुरानी या खराब हो चुकी मशीनों को सस्ते दामों पर खरीदकर उनका इस्तेमाल अवैध लिंग जांच में कर रहे हैं। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मशीनों की खरीद-बिक्री और उनके निस्तारण का रिकॉर्ड भी खंगालने का फैसला किया है। संस्कार हॉस्पिटल में पकड़ा गया था रैकेट ग्वालियर रोड स्थित नगला माकरोल इलाके के संस्कार हॉस्पिटल में चल रहे भ्रूण लिंग जांच के गोरखधंधे का हरियाणा पुलिस ने भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने मौके से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि अस्पताल का संचालन अवैध तरीके से किया जा रहा था। मौके से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन समेत कई उपकरण बरामद हुए, जिन्हें सील कर दिया गया। मामले की जांच हरियाणा और आगरा पुलिस संयुक्त रूप से कर रही है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह के सदस्य पुरानी और खराब मशीनों को सस्ते दामों में खरीदते थे। इसके बाद इन मशीनों का इस्तेमाल मोबाइल वैन या अवैध रूप से संचालित अस्पतालों में भ्रूण लिंग जांच के लिए किया जाता था। रैकेट का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है। तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने तीन सदस्यीय टीम गठित की है। इसमें पीसीपीएनडीटी सेल प्रभारी डॉ. सुशील कुमार, अपंजीकृत सेल प्रभारी डॉ. धर्मेश्वर श्रीवास्तव और डॉ. जितेंद्र लवानियां शामिल हैं। टीम जिले के अल्ट्रासाउंड सेंटरों का निरीक्षण कर रिकॉर्ड की जांच करेगी। मशीन से लेकर मरीजों के रिकॉर्ड तक खंगाले जाएंगे जिले में 456 निजी अस्पताल और करीब 150 रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर पंजीकृत हैं। जांच टीम इन सेंटरों पर जाकर कई बिंदुओं पर रिकॉर्ड की पड़ताल करेगी। अगर किसी सेंटर से पुरानी मशीन हटाई गई है तो उसका निस्तारण कहां और किस तरह किया गया, इसका भी ब्यौरा लिया जाएगा। गड़बड़ी मिली तो होगी सख्त कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग का फोकस इस बात पर रहेगा कि कहीं पुरानी या कबाड़ में बेची गई अल्ट्रासाउंड मशीनों का इस्तेमाल अवैध जांच के लिए तो नहीं किया जा रहा है। जांच में रिकॉर्ड में गड़बड़ी, बिना अनुमति मशीन का संचालन या अन्य अनियमितता मिलने पर संबंधित सेंटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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