बिजनौर कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन पर लगी रोक:डीएम ने जारी किए नए आदेश, अब इंदिरा बाल भवन में ही होगा प्रदर्शन

Sep 25, 2026 - 10:59
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बिजनौर कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन पर लगी रोक:डीएम ने जारी किए नए आदेश, अब इंदिरा बाल भवन में ही होगा प्रदर्शन
बिजनौर के नवागत जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने गुरुवार देर शाम जिले में धरना-प्रदर्शनों को लेकर नया आदेश जारी किया है। इसके तहत कलेक्ट्रेट परिसर को धरना-प्रदर्शन के लिए पूरी तरह निषिद्ध क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। अब जिला मुख्यालय पर अनुमति के बाद केवल इंदिरा बाल भवन, बिजनौर में ही धरना-प्रदर्शन किया जा सकेगा। विभिन्न संगठन, किसान यूनियन, राजनीतिक दल और अन्य वर्ग अपनी मांगों को लेकर निर्धारित स्थल पर ही प्रदर्शन कर सकेंगे। डीएम ने आदेश में कहा कि कलेक्ट्रेट परिसर में लगातार धरना-प्रदर्शन होने से भीड़, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों की आवाजाही बढ़ती है। लाउडस्पीकर के शोर से न्यायालयों और सरकारी कार्यालयों के कामकाज में भी व्यवधान उत्पन्न होता है। कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप जिला मजिस्ट्रेट, उपभोक्ता फोरम और चकबंदी न्यायालय समेत कई महत्वपूर्ण कार्यालय हैं। इसके अलावा चुनाव से जुड़ी ईवीएम मशीनों का भंडारण और अन्य जरूरी कार्य भी परिसर में होते हैं। नए जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने 23 सितंबर को बिजनौर का कार्यभार संभाला था। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में होने वाले धरना-प्रदर्शनों को लेकर यह आदेश जारी किया है। प्रशासन की ओर से इसे कलेक्ट्रेट में सरकारी और न्यायिक कामकाज को सुचारू बनाए रखने से जोड़कर देखा गया है। बिजनौर को शांति व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील बताया डीएम के आदेश में बिजनौर को शांति और कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील जिला बताया गया है। आदेश के मुताबिक जिला मुख्यालय और कलेक्ट्रेट परिसर में किसान यूनियन, संगठन, राजनीतिक दल और नागरिक अपनी मांगों को लेकर नियमित रूप से धरना-प्रदर्शन करते हैं। प्रदर्शन के दौरान भारी भीड़, वाहनों और लाउडस्पीकर के कारण व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बनती है। आदेश में कहा गया है कि अदालतों की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को देखते हुए सरकार, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की ओर से समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों और रास्तों पर लंबे समय तक प्रदर्शन से होने वाली बाधा को लेकर न्यायिक दृष्टांतों का भी उल्लेख किया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार आदेश में अमित साहनी बनाम स्टेट ऑफ दिल्ली और मजदूर किसान शक्ति संगठन बनाम भारत संघ से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला दिया गया है। 2018 के शासनादेश का भी दिया हवाला डीएम ने आदेश में बताया कि प्रमुख सचिव, गृह (पुलिस) अनुभाग-4, उत्तर प्रदेश शासन के 17 मई 2018 के पत्र में जनपद मुख्यालय पर धरना स्थल चिन्हित करने के निर्देश दिए गए थे। इसी के अनुपालन में पूर्व में इंदिरा बाल भवन, बिजनौर को धरना-प्रदर्शन के लिए चिन्हित किया गया था। इसके बाद 11 सितंबर 2023 के कार्यालय आदेश के तहत कलेक्ट्रेट परिसर को धरना-प्रदर्शन के लिए निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया था। डीएम ने कहा कि वर्तमान में इसका पूर्ण अनुपालन नहीं हो रहा था। इसी को देखते हुए अब कलेक्ट्रेट परिसर को पूरी तरह निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया है। अनुमति के बाद सिर्फ इंदिरा बाल भवन में प्रदर्शन आदेश के मुताबिक जनपद मुख्यालय पर अनुमति के बाद इंदिरा बाल भवन, बिजनौर के अतिरिक्त किसी अन्य स्थल पर धरना-प्रदर्शन करना प्रतिबंधित रहेगा। डीएम ने उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के न्यायिक दृष्टांतों तथा शासन के निर्देशों के अनुपालन में इस व्यवस्था को लागू करने की बात कही है।

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