बलिया में खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं गंगा-सरयू:तेजी से काट रही खेती की जमीन; सदर, बांसडीह और बैरिया के दर्जनों गांव प्रभावित
बलिया में गंगा और सरयू दोनों नदियां उफान पर हैं। हालांकि दोनों नदियों के जलस्तर में कमी आई है, लेकिन अभी भी खतरा बिंदु से ऊपर बह रही हैं। इसके चलते बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। तटीय क्षेत्रों में पानी भरा होने से ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले की सदर, बांसडीह और बैरिया तहसील के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। कई तटीय गांवों में पानी जमा होने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित है। गांवों में आने-जाने के लिए लोगों को नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। कई गांवों के रास्तों पर भी बाढ़ का पानी भरा होने से आवागमन मुश्किल बना हुआ है। सरयू तेजी से काट रही खेती की जमीन सरयू नदी का पानी अब खेती की जमीन को तेजी से काट रहा है। नदी के कटाव से किसानों की कृषि भूमि प्रभावित हो रही है। वहीं, कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी होने के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। बाढ़ के कारण लोगों को जरूरी कामों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। गायघाट में गंगा 43 सेमी और चांदपुर में सरयू 1 मीटर ऊपर रविवार सुबह आठ बजे गायघाट गेज पर गंगा नदी का जलस्तर 58.04 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरा बिंदु 57.615 मीटर है। इस तरह गंगा खतरा बिंदु से 43 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वहीं, चांदपुर गेज पर सरयू नदी का जलस्तर 59.00 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरा बिंदु 58.00 मीटर है। सरयू खतरा बिंदु से एक मीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर में कमी के बावजूद दोनों नदियों के खतरे के निशान से ऊपर होने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति अभी सामान्य नहीं हुई है।
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