बलरामपुर में जनसुनवाई का बदला तरीका:शिकायत पर मिलेगी पावती, तय होगी जांच अधिकारी की जवाबदेही
बलरामपुर पुलिस ने जनसुनवाई व्यवस्था में एक नया बदलाव किया है। अब थाने में शिकायत दर्ज कराने वाले फरियादियों को बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पुलिस ने पावती-पर्ची व्यवस्था शुरू की है, जिससे शिकायत की स्थिति जानना आसान होगा। एसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर यह व्यवस्था लागू की गई है। जिले के सभी थानों और पुलिस कार्यालयों में शिकायत देने पर फरियादियों को एक पावती दी जाएगी। इस पर्ची पर शिकायत क्रमांक, शिकायतकर्ता का नाम-पता, शिकायत का संक्षिप्त विवरण और जांच अधिकारी का नाम व मोबाइल नंबर लिखा होगा। इस नई व्यवस्था से फरियादी के पास शिकायत का लिखित प्रमाण रहेगा। इसमें शिकायत की तारीख, मामला और जांच अधिकारी की जानकारी होगी। अगर शिकायत के निपटारे में देरी या लापरवाही होती है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करने में भी यह रिकॉर्ड मदद करेगा। पहले कई बार शिकायत देने के बाद भी फरियादियों को पता नहीं चलता था कि उनके आवेदन पर क्या कार्रवाई हुई। जानकारी के लिए उन्हें बार-बार पुलिस कार्यालय या थाने जाना पड़ता था। पावती-पर्ची व्यवस्था से शिकायत की निगरानी और ट्रैकिंग को बेहतर बनाने की कोशिश की गई है। यह पावती व्यवस्था सिर्फ एसपी कार्यालय तक सीमित नहीं रहेगी। पुलिस के अनुसार, एएसपी कार्यालय, सीओ कार्यालय, सीओ यातायात कार्यालय, जिले के सभी थानों और महिला थाने में मिलने वाली सभी शिकायतें इसके दायरे में आएंगी। इस व्यवस्था से उन आम शिकायतों का भी रिकॉर्ड बनेगा, जिनमें फरियादी अक्सर कहते हैं कि उनकी सुनवाई नहीं हुई या एफआईआर दर्ज नहीं की गई और उन्हें वापस भेज दिया गया। हालांकि, पुलिस ने यह भी साफ किया है कि पावती मिलने का मतलब एफआईआर दर्ज होना नहीं है। शिकायत की प्रकृति और तथ्यों के आधार पर पुलिस नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगी। पावती का मकसद शिकायत दर्ज कर उसकी जांच और निपटारे की प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाना है।
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