बलरामपुर में पुराने मुकदमों के निस्तारण पर जोर:तहसीलदार न्यायिक ने अधिवक्ताओं से मंगलवार से शुक्रवार तक सहयोग की अपील की
बलरामपुर में तहसीलदार न्यायिक सदर बलरामपुर की अदालत में लंबित पुराने मुकदमों और माननीय उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के आदेशों से संबंधित पत्रावलियों के त्वरित निस्तारण को लेकर न्यायालय प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। मुकदमों की बढ़ती लंबित संख्या को देखते हुए तहसीलदार न्यायिक राकेश कुमार ने अधिवक्ताओं से न्यायिक कार्य में नियमित सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने के बजाय अधिवक्ता न्यायालय की कार्यवाही में सहयोग करें, ताकि लंबित वादों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। तहसीलदार न्यायिक सदर राकेश कुमार ने कलेक्ट्रेट बार संघ बलरामपुर, युवा अधिवक्ता संघ बलरामपुर और जिला बार संघ बलरामपुर के समस्त सम्मानित अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि न्यायालय में बड़ी संख्या में पुराने वाद लंबित हैं। पत्रावलियां और वाद भी निस्तारण की प्रतीक्षा इसके अलावा माननीय उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ के आदेशों से आच्छादित पत्रावलियां और वाद भी निस्तारण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लंबित मुकदमों की अत्यधिक संख्या के चलते वाद निस्तारण की समीक्षा बैठकों में भी विषम स्थिति उत्पन्न होती है। नियमानुसार निस्तारण करना आवश्यक ऐसे में पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुनना और उनका नियमानुसार निस्तारण करना आवश्यक है। तहसीलदार न्यायिक ने अपने अनुरोध में विशेष रूप से उल्लेख किया है कि मंगलवार से शुक्रवार तक चारों कार्यदिवसों में न्यायिक कार्य से विरत न रहकर न्यायालय संचालन में सहयोग किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन चार दिनों में माननीय उच्च न्यायालय, लखनऊ के आदेशों से संबंधित वादों तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों में नियमानुसार अनिवार्य रूप से सुनवाई की जाएगी। लंबित मुकदमों के निस्तारण में तेजी न्यायालय प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य लंबित मुकदमों के निस्तारण में तेजी लाना और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है। अधिवक्ताओं से अपेक्षा की गई है कि वे न्यायालय में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए सुनवाई में सहयोग दें, जिससे पुराने वादों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब को कम किया जा सके।
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