बंदियों के लिए योग-ध्यान सत्र:आर्ट ऑफ लिविंग के पुलकित त्यागी बोले- जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव
आचार्य रविशंकर की प्रेरणा से 'आर्ट ऑफ लिविंग' संस्था लोगों को ध्यान, योग, प्राणायाम और सुदर्शन क्रिया के जरिए मानसिक शांति व तनावमुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित कर रही है। इसी कड़ी में संस्था मेरठ जिला कारागार में बंदियों के लिए नियमित रूप से ध्यान, योग और मेडिटेशन कार्यक्रमों को आयोजित कर रही है। इन विशेष सत्रों का मुख्य उद्देश्य जेल में रह रहे बंदियों को तनाव प्रबंधन, आत्मचिंतन और उनके भीतर सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद करना है। इसके अलावा, संस्था मेरठ शहर में भी आम नागरिकों के बीच मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। आर्ट ऑफ लिविंग के शिक्षक एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एबीसी (ABC) समन्वयक पुलकित त्यागी ने इस पहल पर कहा, "जेल की ऊंची दीवारों के भीतर भी मानसिक स्वास्थ्य और मानवीय संवेदनाओं पर काम किया जा सकता है। हमारा मुख्य प्रयास बंदियों को भीतर से सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित करना है, ताकि जब वे समाज में लौटें, तो एक शांत और जिम्मेदार नागरिक का जीवन जी सकें।"
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