बरौली बाजार में नाबालिग से छेड़छाड़, SO सस्पेंड:अलीगढ़ में दस अक्तूबर को घटना, थाने में वीडियो डिलीट कराने के दबाव का आरोप, एसएसपी ने लिए एक्शन
जवां थाना क्षेत्र के बरौली बाजार में दिनदहाड़े नाबालिग किशोरी के साथ कथित छेड़छाड़ और अभद्रता के मामले ने अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 10 अक्टूबर को हुई घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना देने के बाद आरोपी खेतों की तरफ भाग गया और उसे बचाने के लिए दो-तीन लोग भी मौके पर पहुंच गए। घटनाक्रम से संबंधित वीडियो होने का दावा भी किया गया है। आरोप है कि थाने पहुंचने पर दरोगा और तत्कालीन एसओ ने वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाया। किशोरी के बयान के दौरान भी परेशान करने और नौकरी व परिवार पर संकट आने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। मामले में महिला सुरक्षा के प्रति लापरवाही पाए जाने पर एसएसपी ने एसओ जवां धीरज कुमार को निलंबित कर दिया है।
बाइक बंद होने पर स्टार्ट कर रही थी किशोरी, पीछे से पहुंचे युवक ने की अभद्रता
घटना 10 अक्टूबर को दोपहर करीब तीन बजे की बताई गई है। आरोप है कि नाबालिग किशोरी मोटरसाइकिल से बरौली बाजार से गुजर रही थी। इसी दौरान उसकी बाइक बंद हो गई। वह बाइक दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश कर रही थी, तभी पीछे से गणेश शर्मा उर्फ गुड्डू वहां पहुंचा। आरोप है कि उसने किशोरी को बुरी नीयत से पकड़ लिया और उसके साथ अश्लील हरकत की। बाजार में हुई यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि पुलिस के पहुंचने पर आरोपी खेतों की तरफ भाग गया। उसे बचाने के लिए दो-तीन अन्य लोगों के पहुंचने का भी दावा किया गया है। पीड़ित पक्ष के मुताबिक, इस घटनाक्रम से संबंधित वीडियो भी मौजूद है।
थाने में वीडियो डिलीट कराने का दबाव बनाने का आरोप
पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि शिकायत लेकर थाने पहुंचने पर दरोगा और एसओ ने सीसीटीवी वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाया। कथित तौर पर यह भी कहा गया कि 112 पर कॉल करने से एक धारा कम हो जाएगी। आरोप है कि शिकायत करने और घटना का वीडियो होने के बावजूद परिवार को सहयोग देने के बजाय वीडियो हटाने के लिए कहा गया।
पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि किशोरी के बयान के दौरान महिला कांस्टेबल और दरोगा ने परेशान किया। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि वे अपनी बात पर अड़े रहे तो उनकी नौकरी और परिवार के लिए संकट खड़ा हो सकता है। ये आरोप पीड़ित पक्ष की ओर से लगाए गए हैं। संबंधित पुलिसकर्मियों का इन आरोपों पर अलग से पक्ष सामने नहीं आया है।
महिला सुरक्षा में लापरवाही पर एसओ जवां निलंबित
मामले में पुलिस की भूमिका और महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता को लेकर उठे सवालों के बाद एसएसपी ने जांच कराई। एसपी सिटी आदित्य बंसल ने पूरे घटनाक्रम की जांच की। जांच में तत्कालीन एसओ जवां धीरज कुमार की भूमिका महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशील नहीं पाई गई। इसके आधार पर एसएसपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी।
एसपी सिटी आदित्य बंसल ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि 10 अक्टूबर को हुई घटना में उसी दिन मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था। इसके बाद पूरे घटनाक्रम की साक्ष्यों के आधार पर विवेचना की गई। पुलिस की कार्यप्रणाली और महिला सुरक्षा के प्रति लापरवाही के बिंदु पर कराई गई जांच रिपोर्ट के आधार पर एसओ को निलंबित किया गया है।
पीड़ित पक्ष के आरोप
पीड़ित पक्ष ने पहले आरोप लगाया था कि पुलिस आरोपी को हिरासत में लेने के बाद 151 के तहत चालान कर छोड़ गई और गंभीर घटना में प्रभावी कार्रवाई नहीं की। अब पीड़ित पक्ष की ओर से वीडियो डिलीट कराने का दबाव बनाने, बयान के दौरान परेशान करने और नौकरी व परिवार को लेकर धमकाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
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