बरेली में Gen-Z डॉक्टर्स मांग रहे ₹25 हजार स्टाइपेंड:छात्रा बेहोश होने के बाद भी अडिग, IVRI में अनशन का 10वां दिन
बरेली के इज्जतनगर स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन बुधवार को 10वें दिन में पहुंच गया। भूख हड़ताल पर बैठे छात्र-छात्राओं की संख्या 9 है, जबकि 150 से ज्यादा छात्र उनके समर्थन में धरना दे रहे हैं। मंगलवार शाम अनशन के दौरान एक छात्रा बेहोश हो गई थी। छात्रों के मुताबिक, संस्थान से मेडिकल मदद नहीं मिली, जिसके बाद उन्हें खुद एंबुलेंस बुलानी पड़ी। प्राथमिक उपचार और दवा मिलने के बाद छात्रा फिर अनशन पर बैठ गई। बुधवार को छात्रों ने आंदोलन और तेज करने का ऐलान किया। एलर्जी-बुखार से परेशान छात्र, मेडिकल टीम नहीं पहुंचने का आरोप धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि लगातार प्रदर्शन और मौसम की वजह से कई छात्र एलर्जी, सिरदर्द और तेज बुखार से परेशान हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अधिकारियों से मेडिकल टीम तैनात करने की मांग की, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। छात्रों का आरोप है कि छात्रा के बेहोश होने के बाद भी संस्थान की ओर से तत्काल चिकित्सा सहायता नहीं दी गई। उनका कहना है कि प्रशासन उनकी मांगों पर सुनवाई करने के बजाय आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहा है। 12 महीने की इंटर्नशिप के लिए 25 हजार रुपए की मांग अंडरग्रेजुएट छात्रों की मांग है कि 12 महीने की अनिवार्य रोटेटिंग इंटर्नशिप के दौरान उन्हें हर महीने 25 हजार रुपए स्टाइपेंड दिया जाए। छात्रों के मुताबिक, फिलहाल उन्हें केवल 6 महीने के लिए 3 हजार रुपए प्रतिमाह मिलते हैं। उनका कहना है कि यह राशि महंगाई और इंटर्नशिप के खर्च के मुकाबले काफी कम है। वेटरनरी एसोसिएशन का समर्थन, हाईकोर्ट जाने पर विचार यूपी वेटरनरी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार धरना स्थल पहुंचकर छात्रों से मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और आंदोलन जारी रखने के लिए उनका हौसला बढ़ाया। साथ ही, मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने का सुझाव दिया। छात्र अब कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं। LUVAS में 24310 रुपए मिलने का दिया हवाला छात्रों ने हरियाणा के लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (LUVAS) का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां इंटर्नशिप के दौरान करीब 24,310 रुपए अलाउंस मिलता है। उनके मुताबिक, अन्य वेटरनरी संस्थानों में भी 23 हजार से 24 हजार रुपए तक मानदेय दिया जाता है। छात्रों का कहना है कि उन्हें IVRI में रहने और खाने का खर्च भी खुद उठाना पड़ता है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और लद्दाख समेत कई राज्यों के छात्र पूरे 12 महीने के लिए 25 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड की मांग कर रहे हैं। हॉस्टल खाली कराने के नोटिस के बावजूद आंदोलन जारी छात्रों ने कहा कि हॉस्टल खाली कराने के निर्देश और नोटिस के बावजूद वे पीछे नहीं हटेंगे। उनका दावा है कि आंदोलन शांतिपूर्ण है और वे इमरजेंसी पशु चिकित्सा सेवाओं को बाधित नहीं कर रहे हैं। छात्रों ने साफ किया कि जब तक संस्थान या मंत्रालय की ओर से स्टाइपेंड बढ़ाने पर लिखित और समयबद्ध फैसला नहीं लिया जाता, तब तक भूख हड़ताल और धरना जारी रहेगा।
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