बुलंदशहर में अपहरण के बाद हत्या के दोषी को उम्रकैद:कोर्ट ने 75 हजार रुपए का लगाया जुर्माना, 4 साल बाद फैसला
बुलंदशहर में अपहरण के बाद हत्या के मामले में अदालत ने दोषी अरुण को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी-04 डॉ. सुरेश कुमार की अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर फैसला सुनाया। दोषी पर 75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। पुलिस के अनुसार, यह मामला पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिह्नित किया गया था। 2022 में अपहरण के बाद की थी हत्या पुलिस के अनुसार, अनूपशहर थाना क्षेत्र के मौजपुर गांव निवासी अरुण पुत्र यशपाल पर संजय के बेटे केशव का अपहरण कर हत्या करने का आरोप था। इस मामले में 19 अगस्त 2022 को सिकंदराबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद 7 सितंबर 2022 को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। पुलिस और अभियोजन पक्ष ने की पैरवी मामले को ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत शामिल किए जाने के बाद पुलिस की मॉनीटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष ने अदालत में पैरवी की। सुनवाई पूरी होने पर अदालत ने अरुण को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 75 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। मॉनीटरिंग सेल और पुलिसकर्मियों की भूमिका इस मामले में अभियोजक चंद्रभान सिंह, मॉनीटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक पंकज राय, पैरोकार कांस्टेबल नरेश और कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल अमित कुमार ने पैरवी में योगदान दिया। पुलिस ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत न्यायालय में प्रभावी पैरवी का परिणाम बताया।
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