बाढ़ में घर बहा, अब बेटी बनी पुलिस में सिपाही:जीतू ने मेहनत से हासिल किया मुकाम, 10 साल पहले उजड़ा था आशियाना
हरदोई में करीब 10 साल पहले रामगंगा नदी की बाढ़ में घर गंवाने वाले परिवार की बेटी जीतू उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही बन गई है। 14 अक्टूबर को जारी भर्ती परिणाम में उसका चयन हुआ। सवायजपुर में रहकर तैयारी करने वाली जीतू का सपना आगे चलकर पुलिस अधिकारी बनने का है। शनिवार शाम 4 बजे जीतू को समारोह में सम्मानित किया गया। छह बहनों और एक भाई में तीसरे नंबर पर है जीतू जीतू के पिता ब्रज किशोर खेती करते हैं, जबकि मां विमला गृहिणी हैं। छह बहनों और एक भाई में तीसरे नंबर पर आने वाली जीतू ने कठिन परिस्थितियों में भी पढ़ाई और भर्ती की तैयारी जारी रखी। करीब 10 साल पहले बाढ़ में घर बह जाने के बाद परिवार सवायजपुर में आकर बस गया था। सीमित संसाधनों के बावजूद जीतू ने अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा। अभ्युदय अकादमी के 13 अभ्यर्थियों का चयन शनिवार शाम 4:30 बजे सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें जीतू सहित 13 चयनित अभ्यर्थियों को सम्मानित किया गया। चयनित अभ्यर्थियों में अनुपम सिंह, रामजी, वासु मिश्रा, अंकित प्रताप सिंह, अंबुज मिश्रा, रोहित कुमार, प्रशांत पाठक, सुजीत राज, आशुतोष सिंह, छाया गुप्ता, प्रीति यादव और जूली पाल शामिल हैं। मिठाई खिलाकर किया सम्मानित अकादमी परिसर में प्रशिक्षक आलोक मिश्रा, धीरज दीक्षित और पूर्व सैनिक शरद कुमार ने चयनित अभ्यर्थियों को मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। प्रशिक्षकों ने उनकी सफलता पर खुशी जताई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। 2018 से निशुल्क प्रशिक्षण दे रही अकादमी अकादमी के प्रशिक्षकों के मुताबिक, वर्ष 2018 से युवाओं को निशुल्क दौड़ और शारीरिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां नियमित अभ्यास, अनुशासन और शारीरिक दक्षता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। जीतू की सफलता और अकादमी के अन्य अभ्यर्थियों का चयन क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बना है।
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