बुलंदशहर में अय्यूब हत्याकांड के आरोपी बरी:कोर्ट ने सबूतों के अभाव में पुलिस के दावों को किया खारिज
बुलंदशहर के सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र में चर्चा में रहे अय्यूब हत्याकांड मामले में स्थानीय अदालत ने अभियोजन पक्ष के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-14 चंद्र विजय श्रीनेत की अदालत ने पर्याप्त सबूतों के अभाव में दोनों आरोपियों सन्नी कुमार और कोशेंद्र (निवासी रामताल गढ़ी, सिकंदराबाद) को दोषमुक्त करार दिया है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की एक भी मजबूत कड़ी जोड़ने में पूरी तरह विफल रहा है। केवल संदेह, अधूरी बरामदगी और मनगढ़ंत कहानियों के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। घटना की शुरुआत 2 फरवरी 2024 को हुई थी, जब वादी मुकदमा कय्यूम ने सिकंदराबाद कोतवाली में तहरीर दी थी। उनके अनुसार, उनका भाई अय्यूब 1 फरवरी की शाम करीब 5 बजे गांव के ही माजिद के साथ सिकंदराबाद गया था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। तलाश करने पर 5 फरवरी की सुबह गुलावठी अंडरपास के पास सर्विस रोड पर एक दुकान के सामने अय्यूब का लहूलुहान शव मिला, जिसके सिर पर गंभीर चोटें थीं। पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने सन्नी और कोशेंद्र को नामजद करते हुए दावा किया कि दोनों ने ईंटों से कूचकर अय्यूब की हत्या की थी और उससे 4800 रुपये, एक छोटा मोबाइल तथा लाल रंग की पैशन प्रो बाइक लूट ली थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 1800 रुपये, आलाकत्ल ईंटें और बाइक बरामद करने का दावा करते हुए अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसे अदालत ने साक्ष्यों की कमी के चलते खारिज कर दिया।
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