बुलंदशहर में भगवान राम की लीलाओं का मंचन:ताड़का वध के बाद भगवान राम ने अहिल्या को श्राप से दिलाई मुक्ति
श्री रामलीला सभा के तरफ से नुमाइश मैदान में भगवान श्री राम के जन्म से लेकर अहिल्या उद्धार तक की लीलाओं का मंचन किया गया। अध्यक्ष नीरज जिंदल ने बताया कि कथा का प्रारंभ पुत्रेष्टि यज्ञ के पश्चात महाराज दशरथ के महल में चारों भाइयों राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जन्मोत्सव से हुआ, जिससे पूरी अयोध्या में हर्ष और उल्लास छा गया। कोषाध्यक्ष मनमोहन गुप्ता ने बताया कि चारों भाइयों ने गुरु वशिष्ठ के आश्रम में शिक्षा ग्रहण की। इसी बीच ऋषि विश्वामित्र ने राजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को मांगा। महामंत्री अमित कुमार मित्तल ने बताया कि राजा ने गुरु वशिष्ठ की आज्ञा से दोनों राजकुमारों को विश्वामित्र के साथ भेजा। वन मार्ग में भगवान राम ने ताड़का राक्षसी का वध किया। यज्ञ संपन्न होने के बाद जब विश्वामित्र जी राम और लक्ष्मण को लेकर मिथिला की ओर प्रस्थान कर रहे थे, तो मार्ग में गौतम ऋषि के आश्रम में शिला बनी हुई अहिल्या को भगवान राम के पावन चरण स्पर्श से श्राप से मुक्ति मिली। आगे की लीला में सीता स्वयंवर व राम बारात का आयोजन भव्य प्रकार से होगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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