चंदौली में गोवर्धन पूजा और नाग नथैया की कथा सुनाई:बाबा संतदास महाराज ने दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया, झूमे श्रद्धालु
चंदौली में लक्ष्मणगढ़ गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा में शनिवार देर रात भक्ति का माहौल रहा। कथा के छठवें दिन कथा व्यास बाबा संतदास महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन पूजा और नाग नथैया लीला का विस्तार से वर्णन किया। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पंडाल में पहुंचे। कथा व्यास ने बताया कि इंद्र के अभिमान में जब ब्रज में तेज वर्षा होने लगी तो सात साल के कन्हैया ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठा लिया। उन्होंने गोवर्धन पर्वत के नीचे ब्रजवासियों और गौ-धन को आश्रय देकर उनकी रक्षा की। महाराज ने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है। यमुना में कूदकर कालिया नाग को नाथा इसके बाद कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण की कालिया नाग दमन लीला का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि बाल कृष्ण यमुना नदी में कूद गए और जहरीले कालिया नाग को नाथ लिया। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने कालिया नाग को यमुना छोड़कर वहां से चले जाने का आदेश दिया। कथा के दौरान कृष्ण की इस लीला का भावपूर्ण वर्णन सुनकर श्रद्धालु भक्ति में डूब गए। ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘राधे-राधे’ के जयघोष से गूंजा पंडाल गोवर्धन पूजा और नाग नथैया की लीला का वर्णन होते ही कथा पंडाल ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘राधे-राधे’ के जयघोष से गूंज उठा। भजनों पर महिलाएं झूमकर नाचने लगीं। देर रात तक पंडाल में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। भागवत कथा में बनवारी पांडेय, सूर्यमुनी तिवारी, आलोक पांडेय, चंद्रिका सिंह, दीना पांडेय, दीनानाथ यादव, दीवाकर पांडेय, अखिलेश पांडेय, बृजेश पांडेय, बिनीत पांडेय, शुभम यादव, हरिद्वार पांडेय, अरूण जायसवाल, सतीष दुबे समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
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