अभिजीत दीपके की चेतावनी- सत्ता आपकी, सड़कें हमारी!

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को लेकर बेंगलुरु में 8 अक्टूबर को फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन होने वाला है। आंदोलन से पहले अभिजीत दीपके ने चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता भले ही सरकार के पास हो, लेकिन सड़कें जनता की हैं। इसके बाद 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी बड़ा प्रदर्शन प्रस्तावित है।

Oct 08, 2026 - 10:26
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अभिजीत दीपके की चेतावनी- सत्ता आपकी, सड़कें हमारी!

दि राइजिंग न्यूज़ | बेंगलुरु | 8 अक्टूबर 2026

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में 8 अक्टूबर को होने वाले आंदोलन से पहले अभिजीत दीपके ने सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सत्ता भले ही उनके पास हो, लेकिन सड़कें जनता की हैं और इन्हीं सड़कों से लोकतंत्र को वापस हासिल करने की लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके बाद 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी बड़ा आंदोलन प्रस्तावित है।

अभिजीत दीपके ने दी सरकार को चेतावनी

कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में 8 अक्टूबर को आंदोलन आयोजित किया गया है। आंदोलन से पहले अभिजीत दीपके ने अपने संदेश के जरिए सत्ता पक्ष पर निशाना साधा और जनता से आंदोलन में शामिल होने की अपील की।अभिजीत दीपके ने कहा कि सत्ता भले ही उनके पास हो, लेकिन सड़कें जनता की हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं सड़कों के माध्यम से भारत के लोग लोकतंत्र को वापस हासिल करने की लड़ाई लड़ेंगे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमाने की संभावना है। उन्होंने अपने संदेश का अंत जय हिंद के साथ किया।

बेंगलुरु में फ्रीडम पार्क पर होगा आंदोलन

बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में 8 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया है। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। आयोजकों का कहना है कि प्रदर्शन के जरिए मतदाता सूची में कथित तौर पर गलत तरीके से हटाए गए लोगों का मुद्दा उठाया जाएगा।यह आंदोलन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक, पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कई लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। इसी मुद्दे को लेकर जनता के बीच जागरूकता पैदा करने और संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की जाएगी।

ध्रुव राठी और प्रकाश राज के शामिल होने का दावा

अभिजीत दीपके ने 7 अक्टूबर को एक वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने बेंगलुरु में होने वाले आंदोलन में कई चर्चित चेहरों के शामिल होने की जानकारी दी। वीडियो में ध्रुव राठी और प्रकाश राज के भी आंदोलन में पहुंचने की बात कही गई। इस वीडियो के सामने आने के बाद आंदोलन को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई।वीडियो में ध्रुव राठी ने इसे लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई बताया और लोगों से फ्रीडम पार्क पहुंचने की अपील की। उन्होंने दिल्ली में रहने वाले लोगों से 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचने का भी आह्वान किया। वहीं प्रकाश राज ने भी अपने अंदाज में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर टिप्पणी की।

सुबह 10:30 बजे शुरू होगा प्रदर्शन

बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में होने वाला विरोध प्रदर्शन सुबह 10:30 बजे शुरू होने की जानकारी दी गई है। इस दौरान उन कन्नड़ भाषी लोगों की समस्याएं सामने रखने की कोशिश की जाएगी, जिनके नाम कथित तौर पर मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।आयोजकों के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर जनता के बीच कई सवाल उठे हैं। इसी मुद्दे पर लोगों की शिकायतों और चिंताओं को सामने लाने के लिए जन सुनवाई का आयोजन भी किया गया था। इसके बाद प्रदर्शन के माध्यम से संबंधित मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाने की तैयारी की गई है।

10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होगा बड़ा आंदोलन

बेंगलुरु के बाद 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित है। इस आंदोलन में कई प्रमुख लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। सीजेपी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगातार विरोध किया जा रहा है।जंतर-मंतर पर होने वाले आंदोलन को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। संगठन की ओर से कहा गया है कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है।

लोकतंत्र और मतदाता सूची का मुद्दा केंद्र में

इस पूरे आंदोलन के केंद्र में मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण का मुद्दा है। प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि प्रक्रिया के दौरान कुछ लोगों के नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए। हालांकि, इन आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों के आधिकारिक स्पष्टीकरण और तथ्य भी महत्वपूर्ण होंगे।आंदोलन के जरिए आयोजक इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। बेंगलुरु के बाद दिल्ली में होने वाला प्रदर्शन इस अभियान का अगला बड़ा चरण माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार और चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।


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