डेंगू और स्क्रब टाइफस के मरीज मिले:हैलट व उर्सला में 1000 मरीज पहुंचे, डॉक्टर बोले पानी न जमा होने दें

Oct 03, 2026 - 17:40
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डेंगू और स्क्रब टाइफस के मरीज मिले:हैलट व उर्सला में 1000 मरीज पहुंचे, डॉक्टर बोले पानी न जमा होने दें
बदलते मौसम में संक्रामक रोगों ने भी अपने पैर पसारने शुरु कर दिए हैं। शनिवार को कानपुर में डेंगू के दो नए मरीज मिले। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, संक्रमित मरीज हरजिंदर नगर और कोपरगंज के रहने वाले हैं। वहीं, स्क्रब टाइफस का भी एक मरीज सामने आया है। बारिश के बाद बढ़ रहे मच्छरों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में अभियान शुरू किया है। 1000 वायरल के मरीज पहुंचे हैलट और उर्सला की ओपीडी में शनिवार को बुखार और वायरल से पीड़ित करीब 1000 मरीज पहुंचे। डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि जिन क्षेत्रों में संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, वहां अभियान चलाकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पानी जमा न होने दें हैलट अस्पताल के एसआईसी डॉ. सौरभ अग्रवाल ने बताया कि डेंगू और स्क्रब टाइफस जैसे रोगों से बचाव के लिए बारिश के बाद विशेष सावधानी जरूरी है। ये वेक्टर जनित रोग हैं और मच्छरों के काटने से संक्रमण फैल सकता है। इसलिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें। जहां पानी इकट्ठा हो रहा है, वहां नियमित सफाई करें। उन्होंने खासतौर पर कूलर का पानी खाली करने या समय-समय पर बदलने की सलाह दी। यदि पानी खाली करना संभव न हो तो उसमें लार्वीसाइडल ऑयल डाला जा सकता है, ताकि मच्छरों के लार्वा पनप न सकें। मच्छरदानी और रिपेलेंट क्रीम का इस्तेमाल करें डॉ. अग्रवाल ने कहा कि मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम लगाएं और फुल स्लीव्स की शर्ट, पैंट या पजामा पहनें। खासकर ऐसे समय में शरीर को मच्छरों के सीधे संपर्क से बचाना जरूरी है। बुखार होने पर खुद से इलाज करने के बजाय चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। अचानक तेज सिरदर्द, लगातार उल्टी, शरीर पर चकत्ते, कहीं से रक्तस्राव, पेशाब रुकना, सांस फूलना या पेट में तेज दर्द जैसे लक्षण गंभीर स्थिति का संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर योग्य चिकित्सक या सरकारी अस्पताल में तत्काल परामर्श लेना चाहिए।

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