डेंगू में 74% की गिरावट, 2025 में 229 केस थे:इस साल 4 अक्टूबर तक सिर्फ 60 मरीज, इनमें 85% मरीजों की उम्र 15 से 59 साल
डेंगू को लेकर इस बार वाराणसी में राहत की तस्वीर सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2025 में जनवरी से दिसंबर तक डेंगू के 229 केस मिले थे, जबकि 2026 में 4 अक्टूबर तक सिर्फ 60 मरीज सामने आए हैं। यानी पिछले साल के मुकाबले इस साल अब तक 169 केस कम मिले हैं और मामलों में करीब 74% की गिरावट दर्ज हुई है। इस साल जनवरी से अक्टूबर तक डेंगू के 7,448 टेस्ट किए गए, जबकि 2025 में पूरे साल 10,555 टेस्ट हुए थे। उम्र के लिहाज से सबसे ज्यादा मामले 15 से 59 साल के लोगों में मिले हैं। 15-59 साल के लोगों में 51 केस, बच्चों में 6 इस साल सामने आए 60 डेंगू मरीजों में सबसे ज्यादा संख्या 15 से 59 साल के लोगों की है। इस आयु वर्ग में 51 केस मिले हैं। वहीं 0 से 14 साल के बच्चों में 6 केस सामने आए हैं, जबकि 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों में 3 केस मिले हैं। सितंबर में भी 35% की गिरावट सितंबर के आंकड़ों में भी पिछले साल के मुकाबले कमी दिखाई दे रही है। सितंबर 2025 में डेंगू के 57 केस आए थे, जबकि सितंबर 2026 में 37 केस मिले। यानी एक साल में सितंबर के मामलों में 20 केस की कमी हुई है। प्रतिशत में यह गिरावट करीब 35% है। इससे साफ है कि 2022 के बाद से डेंगू के सालाना मामलों में लगातार कमी आई है। हालांकि 2026 का आंकड़ा अभी 4 अक्टूबर तक का है, इसलिए इसे पूरे साल के आंकड़े के तौर पर नहीं देखा जा सकता। टेस्ट भी हुए कम, इस साल 7,448 जांच 2025 में जनवरी से दिसंबर तक 10,555 डेंगू टेस्ट किए गए थे। इनमें 229 मरीज पॉजिटिव मिले। वहीं 2026 में 4 अक्टूबर तक 7,448 टेस्ट हुए हैं और इनमें 60 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। टेस्ट की संख्या में भी करीब 29.4% की कमी है। डीएमओ बोले- तेजी आ ही बीमारी में गिरावट जिला मलेरिया अधिकारी शरद चंद्र पांडेय ने बताया कि इस बार डेंगू के मामलों में काफी कमी और गिरावट दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पिछले वर्ष 229 केस सामने आए थे, जबकि इस वर्ष 4 अक्टूबर तक 60 केस रिपोर्ट हुए हैं। उन्होंने बताया कि सामने आए सभी मामलों के संबंध में जरूरी निरोधात्मक कार्रवाई करा ली गई है। फॉगिंग, छिड़काव और सोर्स रिडक्शन पर जोर डीएमओ ने बताया कि नगर निगम और पंचायती राज विभाग के साथ स्वास्थ्य विभाग लगातार मच्छर नियंत्रण के लिए काम कर रहा है। इसमें छिड़काव, फॉगिंग और सोर्स रिडक्शन का काम किया जा रहा है। जुलाई से अक्टूबर के बीच इन गतिविधियों में तेजी लाई गई है। सोर्स रिडक्शन का मतलब ऐसे स्थानों को खत्म करना है, जहां मच्छर पनप सकते हैं। घरों और आसपास जमा पानी, कूलर, कंटेनर और दूसरे पानी जमा करने वाले स्थानों की जांच कर मच्छरों के लार्वा के स्रोत को खत्म करने पर जोर दिया जा रहा है। 12 अक्टूबर से घर-घर होगी बुखार की तलाश डीएमओ ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अगले चरण में 12 अक्टूबर से स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाएंगी। टीम हर घर में बुखार से पीड़ित लोगों की जानकारी जुटाएगी। संदिग्ध बुखार के मामलों को पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा और उनकी जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही घरों के अंदर और आसपास मच्छरों के लार्वा और पानी जमा होने वाले कंटेनरों की जांच की जाएगी। जहां मच्छरों के पनपने के स्रोत मिलेंगे, वहां उन्हें मौके पर ही खत्म कराया जाएगा।
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