दहेज हत्या के मामले में पति समेत 3 को उम्रकैद:8 साल पुराने केस में कोर्ट ने सुनाया फैसला, 15-15 हजार जुर्माना
सोनभद्र में करीब 8 साल पुराने दहेज हत्या के मामले में बुधवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्ल्यू बिपिन कुमार तृतीय की अदालत ने पति समेत तीन आरोपियों को दोषी करार दिया। तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। प्रत्येक पर 15 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। दहेज में 50 हजार रुपए मांगने का आरोप अभियोजन के अनुसार मिर्जापुर के मड़िहान थाना क्षेत्र के गोपलपुर निवासी छोटक ने 4 नवंबर 2018 को करमा थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि करीब तीन साल पहले उनकी बेटी आसमा की शादी करमा थाना क्षेत्र के पगिया गांव निवासी अफरोज पुत्र मन्नान खां से हुई थी। आरोप था कि ससुराल पक्ष दहेज में 50 हजार रुपए की मांग कर रहा था। दहेज की मांग पूरी न होने पर जलाकर मारने का आरोप तहरीर के मुताबिक 3 नवंबर 2018 की रात दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पति अफरोज, सास साफिया और घर में रह रहे जीजा नसीम ने आसमा को जलाकर मार डाला। बाद में परिजनों को आसमा का शव जिला अस्पताल में पड़े होने की जानकारी मिली। पुलिस ने दाखिल किया था आरोप पत्र पुलिस ने तहरीर के आधार पर दहेज हत्या समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने का दावा करते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। 9 गवाहों के बयान हुए मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 9 गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने अफरोज, साफिया और नसीम को दोषी करार दिया। तीनों को उम्रकैद, 15-15 हजार रुपए जुर्माना अदालत ने पति अफरोज, सास साफिया और जीजा नसीम को उम्रकैद की सजा सुनाई। तीनों पर 15-15 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। जुर्माना नहीं देने पर प्रत्येक को तीन महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने मामले में पैरवी की।
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