यूपीआई शुल्क के विरोध में व्यापारियों का प्रदर्शन:डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन, मांग नहीं मानी तो बाजार बंद कर आंदोलन की चेतावनी

Oct 07, 2026 - 19:10
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यूपीआई शुल्क के विरोध में व्यापारियों का प्रदर्शन:डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन, मांग नहीं मानी तो बाजार बंद कर आंदोलन की चेतावनी
15 अक्टूबर से 2 हजार रुपए से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.04 प्रतिशत ट्रांजैक्शन चार्ज लगाए जाने के आदेश के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने सांकेतिक धरना दिया और पुतला फूंककर प्रस्तावित शुल्क का विरोध जताया। इसके बाद डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शुल्क वापस लेने की मांग की। संगठन के अध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि यूपीआई आज व्यापारियों और आम लोगों के लिए डिजिटल भुगतान का सबसे आसान माध्यम बन चुका है। छोटे-बड़े सभी बाजारों में रोजाना बड़ी संख्या में भुगतान यूपीआई के जरिए किए जा रहे हैं। ऐसे में 2 हजार रुपए से अधिक के लेनदेन पर शुल्क लगाने से व्यापारियों और ग्राहकों दोनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए लोगों को कैशलेस लेनदेन के लिए प्रोत्साहित किया है। अब यदि यूपीआई पर शुल्क लगाया जाता है तो इससे डिजिटल लेनदेन की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। व्यापार मंडल ने मांग की कि यूपीआई लेनदेन को पूरी तरह मुफ्त और सुरक्षित रखा जाए और प्रस्तावित ट्रांजैक्शन चार्ज को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। मांग नहीं मानी तो बाजार बंद करने की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने कहा कि यह अभी सांकेतिक धरना-प्रदर्शन है। यदि सरकार ने उनकी मांग को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। व्यापारियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने और जरूरत पड़ने पर बाजार बंद करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सरकार को व्यापारियों की आवाज सुननी होगी और यूपीआई शुल्क वापस लेना होगा। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों द्वारा पुतला फूंकने का प्रयास भी किया गया। पुतला छीन लिए जाने के बाद व्यापारियों ने कहा कि उनका विरोध केवल एक पुतले तक सीमित नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि मांग पूरी होने तक अलग-अलग तरीके से विरोध जारी रहेगा।

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