दुल्हन की तरह सजा AMU, कल मनेगा सर सैयद डे:गुलिस्तान-ए-सैयद में सुबह 10:45 बजे मुख्य समारोह, यूट्यूब पर होगा लाइव प्रसारण; रात तक हॉस्टलों में डिनर और जश्न
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में शनिवार को संस्थापक सर सैयद अहमद खान की जयंती पर वार्षाना जलसा यानी सर सैयद डे मनाया जाएगा। समारोह की तैयारियों को शुक्रवार देर रात तक अंतिम रूप दिया जाता रहा। पूरा कैंपस रोशनी, फूलों और आकर्षक सजावट से जगमगा रहा है। इमारतों की रंगाई-पुताई से लेकर सर सैयद हाउस की विशेष साफ-सफाई तक कराई गई है। ऐसा लग रहा है, मानो पूरा विश्वविद्यालय दुल्हन की तरह सज गया हो। दिन में कुलपति प्रो. नइमा खातून ने खुद व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह देर शाम अलीगढ़ पहुंच गए। वह शनिवार सुबह मुख्य समारोह में शामिल होंगे।
मुख्य कार्यक्रम गुलिस्तान-ए-सैयद में सुबह 10:45 बजे शुरू होगा। इससे पहले पारंपरिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी और पुस्तक लोकार्पण होंगे। शुक्रवार को तराना, मंचीय कार्यक्रम और अतिथियों को बग्घी से आयोजन स्थल तक लाने का पूर्वाभ्यास किया गया। प्रोटोकॉल और सुरक्षा व्यवस्था के तहत सलामी की प्रक्रिया का भी रिहर्सल हुआ। कुलपति ने तैयारियों का निरीक्षण कर जरूरी निर्देश दिए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आयोजन को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।
ये होंगे खास मेहमान, दो पुरस्कार भी दिए जाएंगे
समारोह में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह और भारतीय नौसेना अकादमी के प्रधानाचार्य रियर एडमिरल एसएम उरूज अतहर विशिष्ट अतिथि होंगे। केपी समूह के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. फारुक जी. पटेल विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सर सैयद अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार अमेरिका की जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के प्रो. हुसैन नस्र को दिया जाएगा, जबकि राष्ट्रीय पुरस्कार कर्नाटक के गुलबर्गा स्थित ख्वाजा बंदानवाज एजुकेशनल सोसाइटी को मिलेगा।
देश-विदेश में बैठे लोग भी देख सकेंगे समारोह
समारोह का सीधा प्रसारण एएमयू के जनसंचार विभाग के यूट्यूब चैनल पर होगा। देश-विदेश में मौजूद पूर्व छात्र, शुभचिंतक और अन्य लोग भी ऑनलाइन कार्यक्रम से जुड़ सकेंगे। लाइव प्रसारण का लिंक: https://www.youtube.com/live/7mm50QDRYIc
रात तक हॉस्टलों में होंगे आयोजन
सर सैयद डे का उत्साह मुख्य समारोह के बाद भी जारी रहेगा। विश्वविद्यालय के विभिन्न हॉल और हॉस्टलों में डिनर, पार्टियों और अन्य आयोजनों का सिलसिला देर रात तक चलेगा। छात्रों और विश्वविद्यालय परिवार के लिए यह दिन संस्थापक की शैक्षिक सोच, सामाजिक जागरूकता और विरासत को याद करने के साथ उत्सव मनाने का भी अवसर होगा।
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