दवा कारोबारी के हत्यारोपी बेटे का शुगर लेवल 600 पार:कानपुर जेल में काम करने से इनकार किया, 2 डॉक्टर इलाज कर रहे

Oct 09, 2026 - 06:22
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दवा कारोबारी के हत्यारोपी बेटे का शुगर लेवल 600 पार:कानपुर जेल में काम करने से इनकार किया, 2 डॉक्टर इलाज कर रहे
कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा मर्डर केस में जेल में बंद बेटे का अब नया ठिकाना बैरक नंबर-12 होगा। वह 24 सितंबर को जेल लाया गया था। 14 दिन तक मुलाहिजा बैरक में रहने के बाद नाम के अल्फाबेट के मुताबिक सुब्रत को 12 नंबर बैरक में शिफ्ट किया गया है। इस दौरान सुब्रत ने अपनी तबीयत खराब होने का हवाला देकर जेल प्रशासन से काम करने से इनकार कर दिया। सुब्रत ने हत्या की बात पुलिस से कबूली थी। बताया था कि पिता के कई लड़कियों से अवैध संबंध थे। पिता हर सप्ताह लड़कियों पर हजारों रुपए उड़ाते थे और उसे पैसे नहीं देते थे। पिता अय्याश किस्म के थे। ऐसे में शक था कि वह किसी महिला से शादी कर घर ले आए तो प्रॉपर्टी में बंटवारा हो जाएगा। इसी कारण उसने पिता की हत्या करा दी। 5 सितंबर को चाकू मारकर हत्या की गई थी रतन ऑर्बिट के फ्लैट नंबर C-104 निवासी 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की 5 सिंतबर की देर रात गले और सीने में 17 बार चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने आसपास के फ्लैट में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसमें दवा कारोबारी का पुरान नौकर मथुरी मोहाल निवासी विशाल गौतम अपने साथी राजकिशोर के साथ फ्लैट में घुसते हुए कैद हो गया था। 6 सितंबर की देर रात पुलिस की विशाल और राजकिशोर से मुठभेड़ हो गई थी। पैर में गोली लगने के बाद विशाल और राजकिशोर को अरेस्ट किया गया था। एनकाउंटर के दौरान विशाल ने दवा कारोबारी की बहू शालू मिनोचा का नाम लिया था। कहा था कि भाभी के कहने पर उसने दवा कारोबारी को मार डाला। भाभी ने हत्या करने के एवज में 6 लाख रुपए देने का वादा किया था। वहीं रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के गार्ड मदन सिंह ने अपने बयानों में बताया था कि उसने शालू के कहने पर ही विशाल और राजकिशोर को फ्लैट में जाने की अनुमति दी थी। साथ ही पुलिस को शालू और विशाल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड मिला था, इन्हीं सबूतों के आधार पर पुलिस ने शालू को जेल भेजा था। विशाल ने कहा था- भैया के लिए कुछ भी कर सकता हूं वहीं पूरे मामले में दवा कारोबारी का बेटा सुब्रत मिनोचा भी शक के घेरे में था। हत्यारोपियों से बेटे सुब्रत का आमना–सामना कराने और फ्लैट खोलने में इस्तेमाल की गई चाबी बरामद करने के लिए पुलिस ने आरोपियों का 23 सितंबर को 24 घंटे का कस्टडी रिमांड लिया था। इसके बाद पूछताछ में विशाल अपने बयानों से पलट गया था। उसने पुलिस को बताया था कि सुब्रत के कहने पर ही शालू का नाम लिया था। विशाल ने कहा था कि भैया मेरा सारा खर्च उठाते थे। मैं उनके लिए कुछ भी कर सकता हूं। भैया ने ही कहा था कि अगर पकड़े जाना तो शालू का नाम ले लेना। उनके कहने पर ही शालू भाभी का नाम लिया था। इसके बाद सुब्रत टूट गया था और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया था। सुब्रत ने बताया था कि उसके पिता के कई लड़कियों से अवैध संबंध थे। पिता हर सप्ताह लड़कियों पर हजारों रुपए उड़ाते थे और उसे पैसे देने से मना कर देते थे। पिता अय्याश किस्म के थे। उसे शक था कि वह किसी महिला से शादी कर उसे घर न ले आए, जिससे जायदात में बंटवारा हो जाए। इसी कारण उसने पिता की हत्या करा दी। नाम के अल्फाबेट के मुताबिक मिली बैरक पुलिस ने 24 सितंबर को सुब्रत को जेल भेजकर शालू को क्लीनचिट दे दी थी। जेल जाने के बाद से सुब्रत मुलाहिजा बैरक में बंद था। जेल सुपरिटेंडेंट राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि जैल मैन्युअल के मुताबिक 10 दिन बाद मुलाहिजा बैरक से बंदियों को नाम के अल्फाबेट के मुताबिक बैरक में शिफ्ट किया जाता है। सुब्रत के नाम के आधार पर उसे बैरक नंबर 12 में शिफ्ट किया गया है। उन्होंने बताया कि जेल मैन्युअल के मुताबिक नए बंदियों से जेल में काम करने के बारे में पूछा जाता है। अगर बंदी हामी भरता है तो उसे जेल में अलग–अलग तरह के काम दिए जाते हैं। हर काम की एक अलग तय धनराशि बंदी को मिलती है, जो उसके खाते में ट्रांसफर की जाती है। सुब्रत से भी जेल में काम करने के सिलसिले में पूछा गया था, लेकिन उसने अपनी तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए काम करने से इनकार कर दिया। जेल में दो डॉक्टर कर रहे इलाज जेल सुपरिटेंडेंट ने बताया कि सुब्रत शुगर का पेशेंट है। जेल में उसका शुगर लेवल 600 के पार है। जिस पर जेल डॉक्टर प्रभाकर और डॉक्टर समीर की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों को सुब्रत ने बताया कि वह लंबे समय से शुगर से परेशान है। शुगर लेवल बढ़ने पर वह इंसुलिन का भी इस्तेमाल करता था। जेल सुपरिटेंडेंट ने बताया कि शुगर लेवल सामान्य लाने के लिए फिलहाल उसे दवाएं दी जा रही है। जरूरत पड़ने पर इंसुलिन भी दिया जाएगा। कानपुर कारोबारी हत्याकांड- जेल से बाहर आई बहू शालू:कोर्ट ने कहा था- तुरंत रिहा करो, बेटे ने पिता की हत्या कराकर फंसाया कानपुर कारोबारी हत्याकांड, मां ने कहा था- इनका कुछ करो:अय्याशी से परेशान बेटे ने हत्या कराई; अब करोड़ों का व्यापार कौन संभालेगा? करोड़पति कारोबारी का कत्ल- चाचा को फंसाना चाहता था बेटा:20 दिन पहले बदला प्लान; कानपुर की 3 लोकेशन पर सबूत बनाए, जिससे पत्नी कातिल लगे ------------------------- ये खबर भी पढ़िए करोड़पति कारोबारी की बहू बोली-21 दिन जेल में तकलीफें सही: निर्दोष हूं...साबित हुआ, समझ नहीं पा रही पति ने क्यों फंसाया "मैं शुरू से कह रही थी कि मैंने कुछ नहीं किया। मैं निर्दोष हूं। जो सच है वो सबके सामने है। आज वही प्रूफ हुआ है। मुझे नहीं पता कि सुब्रत ने मेरे ऊपर आरोप क्यों लगाए। मैं 21 दिन जेल में थी। मैंने बहुत ज्यादा तकलीफें सही है। कैसे मैंने एक-एक दिन काटा है, ये मैं ही जानती हूं। मैंने अपने बेटे को बहुत मिस किया।" ये बातें कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के आरोप में बंद बहू शालू ने जेल से छूटने के बाद दैनिक भास्कर से बातचीत में कहीं। पढ़ें पूरी खबर…

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