ई-रिक्शा परमिट सीमित करने पर हाईकोर्ट सख्त:केंद्र से मांगी जानकारी, लखनऊ नगर निगम से ड्रेनेज प्लान मांगा

Sep 24, 2026 - 21:50
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ई-रिक्शा परमिट सीमित करने पर हाईकोर्ट सख्त:केंद्र से मांगी जानकारी, लखनऊ नगर निगम से ड्रेनेज प्लान मांगा
लखनऊ हाईकोर्ट की खंडपीठ में ई-रिक्शा से लगने वाले जाम से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने राज्य सरकार से अगली सुनवाई पर ई-रिक्शा से होने वाले जाम को लेकर अपनी बात साफ करने को कहा है। साथ ही लखनऊ नगर निगम से बारिश के दौरान लगने वाले जाम पर ड्रेनेज प्लान मांगा है। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि उसने ई-रिक्शा परमिट सीमित करने के लिए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है और उसका इंतजार कर रही है। वहीं, केंद्र सरकार के वकील ने अगली सुनवाई तक यह बताने का भरोसा दिया कि राज्य के अनुरोध पर केंद्र का क्या जवाब है। हाईकोर्ट की बनाई समिति हर हफ्ते बैठक कर रही जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की बेंच ने सूरज सिंह विशेन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए। कोर्ट को बताया गया कि उसकी बनाई समिति की हर हफ्ते बैठक हो रही है। यह समिति ट्रैफिक को ठीक से चलाने में आ रही कमियों को दूर करने के लिए सुझावों पर काम कर रही है। समिति की इन सिफारिशों को नगर निगम मानेगा। कोर्ट को यह भी बताया गया कि ट्रैफिक में रुकावट डालने वाले कई अतिक्रमण हटाए गए हैं। लेकिन, इनके फिर से लगने से समस्या बनी हुई है। कोर्ट ने ऐसे अतिक्रमणों को हमेशा के लिए हटाने के लिए ठोस कार्रवाई करने को कहा। यह भी बताया गया कि दोबारा अतिक्रमण होने पर स्थानीय पुलिस को जानकारी देकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगर ड्रेनेज प्लान न हो तो इसे तैयार करें सुनवाई के दौरान यह भी पता चला कि बारिश में पानी भरने और ड्रेनेज सिस्टम से पानी धीरे निकलने के कारण लखनऊ का ट्रैफिक रुक जाता है। कोर्ट ने नगर निगम से शहर की ड्रेनेज योजना की जानकारी मांगी है। अगर ऐसी कोई योजना नहीं है, तो विशेषज्ञ संस्था से सलाह लेकर इसे बनाने के निर्देश दिए गए हैं। कमता चौराहे से पॉलीटेक्निक चौराहे और शहीद पथ से आने वाले यातायात को सुगम बनाने के लिए मध्यम एवं दीर्घकालीन योजनाओं पर समिति विचार कर रही है। शहीद पथ को चिनहट की ओर जाने वाली सड़क से जोड़ने के लिए अंडरपास बनाने की संभावना भी देखी जाएगी। बेसमेंट पार्किंग का इस्तेमाल कैसे हो, LDA से पूछा सुनवाई के समय न्यायालय के सामने यह भी आया कि व्यावसायिक भवनों के नक्शे बेसमेंट पार्किंग के प्रावधान के साथ स्वीकृत हैं, लेकिन कई प्रतिष्ठान बेसमेंट पार्किंग का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। इसके कारण वाहन मुख्य सड़क पर खड़े किए जा रहे हैं और यातायात प्रभावित हो रहा है। एलडीए और अन्य संबंधित एजेंसियों से अगली सुनवाई में पूछा गया है कि बेसमेंट पार्किंग का इस्तेमाल कैसे सुनिश्चित कराया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी।

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