एक दिन की DIOS बनीं मुस्कान:बोलीं- रटंत विद्या बंद हो, गरीबों के घर तोड़ने से पहले बताएं, वे जाएंगे कहां?
वाराणसी में मिशन शक्ति फेज-6 के तहत सोमवार को कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज की कक्षा 12वीं की छात्रा मुस्कान भारती को एक दिन के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) बनाया गया। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों से उनके कामकाज की जानकारी ली और शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपने सुझाव भी रखे। मुस्कान ने कहा कि वह आगे चलकर IAS बनना चाहती हैं। उनका मानना है कि पढ़ाई ऐसी होनी चाहिए, जिसमें रटकर याद करने के बजाय बच्चों को विषय समझने का मौका मिले। उन्होंने सड़क चौड़ीकरण के लिए गरीबों के घर तोड़े जाने और VIP मूवमेंट वाले इलाकों में ही सड़कें बनाने की प्राथमिकता पर भी सवाल उठाए। ‘रटंत विद्या बंद हो, बच्चे समझकर पढ़ें’
मुस्कान ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है। बच्चों को केवल रटकर पढ़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। शिक्षक विषयों को आसान भाषा में समझाएं, ताकि बच्चे उन्हें अच्छी तरह सीख सकें। उन्होंने कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ पढ़ाई में इंटरनेट और टेक्नोलॉजी का भी बेहतर उपयोग होना चाहिए। अच्छे शिक्षक बच्चों को पढ़ाते हैं, लेकिन हर जगह पढ़ाई का स्तर एक जैसा नहीं है। ऐसी शिक्षा व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें बच्चों को बेहतर तरीके से सीखने का अवसर मिले। ‘VIP के लिए ही सड़कें क्यों बनती हैं?’
सड़क निर्माण और चौड़ीकरण को लेकर भी मुस्कान ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अक्सर उन सड़कों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है, जहां VIP का आना-जाना होता है। दूसरे इलाकों में भी सड़कें बननी चाहिए और लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने अपने परिवार के अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि कचहरी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के दौरान उनके बड़े पापा का घर भी टूटा है। मुस्कान ने गरीब परिवारों के घर टूटने पर चिंता जताते हुए सवाल किया कि अगर सरकार अपनी सुविधा के लिए घर तुड़वाती है, तो गरीब लोग आखिर जाएंगे कहां? उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ प्रभावित परिवारों की परेशानी और उनके रहने की व्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए। कॉमर्स की पढ़ाई के बाद IAS बनने का लक्ष्य
मुस्कान ने बताया कि वह अभी कॉमर्स की पढ़ाई कर रही हैं और आगे चलकर IAS बनना चाहती हैं। एक दिन के लिए DIOS की जिम्मेदारी मिलने पर उन्हें अधिकारियों के कामकाज को करीब से समझने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले से इस कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी। स्कूल की प्रिंसिपल ने बुलाए जाने की बात बताई, जिसके बाद वह कार्यालय पहुंचीं। वहां अधिकारियों ने अपने-अपने पद और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी। उनसे कुछ सवाल भी पूछे गए कि किसी परिस्थिति में वह क्या निर्णय लेंगी। मिशन शक्ति के तहत मिली जिम्मेदारी
प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति विशेष अभियान फेज-6 के तहत बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और प्रशासनिक समझ विकसित करने के उद्देश्य से यह पहल की गई। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में मुस्कान ने माध्यमिक शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को समझा। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को प्रशासनिक सेवाओं और अन्य नेतृत्वकारी भूमिकाओं के लिए प्रेरित करना है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)