एक साथ उठीं तीन दोस्तों की अर्थियां,भाई ने मुखग्नि दी:एक दिन पहले की सेल्फी देख छलके आंसू, मसूरी जा रहे दोस्तों का दर्दनाक हादसा
आगरा से मसूरी घूमने का सपना लेकर निकले तीन दोस्तों की जिंदगी का सफर बीच रास्ते में ही थम गया। रविवार तड़के सहारनपुर में थार के डिवाइडर से टकराने से जान गंवाने वाले साहिल तिवारी, राहुल सिंह और सक्षम गौतम के शव देर रात आगरा पहुंचे। सोमवार करीब 11 बजे माहौल गमगीन हो गया जब अर्थियां उठीं। साहिल तिवारी के हादसे में मौत की खबर सुनकर पिता संजय भारद्वाज बेंगलुरु से सहारनपुर के लिए रवाना हुए, लेकिन समय पर नहीं पहुंच पाए। रिश्तेदारों ने साहिल के शव को आगरा न लाकर सीधे दिल्ली भेज दिया। बाद में पिता दिल्ली पहुंचे, जहां साहिल का अंतिम संस्कार किया गया। साहिल घर का इकलौता चिराग था। परिवार को उससे बहुत उम्मीदें थीं। पिता बीएसएफ में बड़े अधिकारी हैं। मौसा ब्रह्मानंद तिवारी ने बताया कि साहिल दिल्ली में ही रहता था, दो दिन पहले घूमने आगरा आया था। वहीं राहुल का अंतिम संस्कार टेढ़ी बगिया में और सक्षम उर्फ सत्यम का अंतिम संस्कार कमला नगर में किया गया। रविवार सुबह 11 बजे जब चिताओं को आग दी गई तो हर आंख नम हो गई। हादसे से ठीक पहले पांचों दोस्तों ने कार में एक साथ सेल्फी ली थी। हंसते-मुस्कुराते चेहरों वाली वह आखिरी तस्वीर अब हर किसी को रुला रही है। मोहल्ले में एक साथ अर्थियां उठीं तो पूरे कमला नगर में सन्नाटा पसरा रहा। सक्षम के पिता ने रोते हुए कहा, सबका प्यारा था। कुछ दिन पहले ही सन फार्मा में नौकरी लगी थी, एक महीने बाद शादी होने वाली थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, अब मातम है। वहीं सक्षम का मौत से पहले का सोशल मीडिया पर आए पोस्ट ने परिवार के लोग और दोस्तों के आंखें नम कर दीं। सहारनपुर में पेट्रोल पंप पर शनिवार रात 2:10 बजे सक्षम ने इंस्टाग्राम पर थार गाड़ी के बोनट पर बैठकर फोटो शेयर की थी। 38 मिनट बाद सक्षम समेत तीन मित्रों की जान चली गई। परिवार के लोगों ने बताया कि राहुल लैब में नौकरी करता था। उससे छोटी बहनें प्रिया और प्रियंका हैं, जबकि दो भाई रोहित और आदित्य हैं। मां के मुताबिक राहुल ही परिवार की उम्मीद था। उसकी मौत से परिवार का सहारा छिन गया है। छोटी बहन प्रिया ने बताया कि शनिवार रात करीब 10 बजे भाई का फोन आया था। उसने कपड़े पैक करने को कहा और बताया कि वह मंसूरी घूमने जाएगा। अभी मैं बाहर हूं सुबह तक लौट आऊंगा। बहनों को क्या पता था कि भाई से यह आखिरी बातचीत होगी। बिलखती प्रिया की जुबां पर बस यही शब्द हैं, ‘भैया, अब तो रात हो गई… आजा, लेकिन तेरी तो लाश आ गई। तीनों दोस्त शनिवार रात 9 बजे मसूरी के लिए निकले थे। रविवार सुबह 4 बजे बेलड़ा चौराहे पर हादसा हो गया। अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)