गैंगस्टर केस में दो दोषियों को 5-5 साल की सजा:देवरिया में 24 साल पुराने मामले में कोर्ट ने लगाया 10-10 हजार रुपए जुर्माना
देवरिया में गैंगस्टर एक्ट के करीब 24 साल पुराने मामले में गैंगस्टर कोर्ट ने शनिवार को दो आरोपियों को दोषी करार दिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गैंगस्टर कोर्ट ने दोनों को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया। विशेष लोक अभियोजक (गैंगस्टर) वाचस्पति मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2002 में सदर कोतवाली पुलिस ने गिरोह बनाकर आर्थिक लाभ कमाने के आरोप में मदन बिंद और वीरेंद्र मल्ल के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। अभियोजन और बचाव पक्ष ने रखे तर्क मामले की सुनवाई देवरिया स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गैंगस्टर कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों की बहस और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी पाया। दोनों पर 10-10 हजार रुपए जुर्माना न्यायालय ने मदन बिंद पुत्र चांदबली निवासी गड़री, मौजा राजला और वीरेंद्र मल्ल पुत्र परशुराम निवासी ढेका टोला, मौजा राजला को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में मामले से संबंधित साक्ष्य और दस्तावेज प्रस्तुत किए। फैसला आने के बाद पुलिस और अभियोजन पक्ष ने मामले में प्रभावी पैरवी को महत्वपूर्ण बताया।
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