गैर-इरादतन हत्या के चार दोषियों को 7 साल की सजा:सीतापुर में 2017 के मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला
सीतापुर के हरगांव थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में हुए गैर इरादतन हत्या के मामले में मंगलवार शाम को अदालत ने चार दोषियों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 12-12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पुलिस की प्रभावी पैरवी और गुणवत्तापूर्ण विवेचना के बाद यह फैसला सुनाया गया। मामला हरगांव थाना क्षेत्र के ककराही गांव का है। पुलिस के अनुसार, गांव निवासी सलीम ने 16 मार्च 2017 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि जमीन संबंधी विवाद को लेकर गांव के ही रोजअली पुत्र गफ्फूर, अतीक पुत्र रोजअली, छोटकन्न पुत्र रोजअली और समी पुत्र अतीक ने मारपीट की थी। विवाद के दौरान सलीम के साथ मारपीट की गई। उन्हें बचाने के लिए उनके बेटे अवसर अली और नाजिम भी मौके पर पहुंचे थे। आरोपियों की मारपीट में अवसर अली और नाजिम को भी चोटें आई थीं। गंभीर रूप से घायल नाजिम का इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान 19 मार्च 2017 को उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-01 की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में प्रभावी पैरवी की गई और पुलिस की विवेचना के आधार पर अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने रोजअली, अतीक, छोटकन्न और समी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने चारों दोषियों को धारा 323/34/304/504/506 भादवि के तहत सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 12-12 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत प्रभावी पैरवी का परिणाम है।
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