घाघर-नदी पर जान जोखिम में डालकर स्कूल जा रहे बच्चे:सोनभद्र में बारिश में बहा वैकल्पिक रास्ता, बैराज खुलने पर बढ़ जाता है खतरा

Sep 25, 2026 - 15:21
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घाघर-नदी पर जान जोखिम में डालकर स्कूल जा रहे बच्चे:सोनभद्र में बारिश में बहा वैकल्पिक रास्ता, बैराज खुलने पर बढ़ जाता है खतरा
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के गुरमा क्षेत्र में घाघर नदी का तेज बहाव बच्चों की पढ़ाई में बाधा बन गया है। जर्जर पुल को तोड़कर नया पुल बनाया जा रहा है, लेकिन निर्माण के दौरान नदी में बनाया गया वैकल्पिक रास्ता बारिश में बह गया। इसके बाद बच्चे और ग्रामीण कसहवा घाट के पास बनी अस्थाई पुलिया से जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक घाघर पहाड़ी और बरसाती नदी है। बारिश में नदी का जलस्तर और बहाव दोनों तेज हो जाते हैं। ऐसे में अस्थाई पुलिया से आवागमन खतरनाक बना हुआ है। पानी अधिक होने पर कई बार बच्चे स्कूल भी नहीं जा पाते। नदी के दूसरी तरफ कई प्राथमिक विद्यालय और जय ज्योति इंटर कॉलेज समेत अन्य शिक्षण संस्थान हैं, जबकि करीब 10 से 12 हजार की आबादी भी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले तीन-चार महीने से विद्यार्थी और ग्रामीण इसी अस्थाई रास्ते से नदी पार कर रहे हैं। पुलिया से गुजरते समय कई बार बच्चे और ग्रामीण गिरकर घायल भी हो चुके हैं। बारिश के दौरान पानी बढ़ने पर खतरा और बढ़ जाता है। करीब 250 बच्चों का होता है आवागमन जय ज्योति इंटर कॉलेज के कक्षा 12 के छात्र हर्ष कुमार गुप्ता ने बताया कि कॉलेज आने वाला पुल काफी समय से क्षतिग्रस्त है और निर्माण कार्य लंबे समय से चल रहा है। बनाया गया वैकल्पिक मार्ग बाढ़ के पानी में बह गया, जिससे छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि कई लोग रास्ते में गिरकर घायल भी हो चुके हैं। अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि बारिश में पानी बढ़ने पर समस्या गंभीर हो जाती है। इस रास्ते से कई गांवों के लोगों के साथ करीब 250 बच्चों और आसपास के विद्यालयों के विद्यार्थियों का आवागमन होता है। बैराज खुलने पर बढ़ जाता है खतरा ग्रामीणों के अनुसार घाघर नदी पर एक बैराज भी बना है। बैराज खुलने और नदी में पानी बढ़ने पर अस्थाई पुलिया से आवागमन और खतरनाक हो जाता है। इसके बावजूद ग्रामीण और विद्यार्थी मजबूरी में इसी रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। स्कूलों में वैकल्पिक पढ़ाई की व्यवस्था बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडे ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नदी के इस तरफ के स्कूलों में उनके लिए वैकल्पिक पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। कार्यदायी संस्था से भी बात हुई है। संस्था ने बारिश का मौसम खत्म होने के बाद जल्द पुल निर्माण पूरा कराने का भरोसा दिया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने भी जल्द वैकल्पिक मार्ग को दुरुस्त कराने की बात कही है।

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