घर से भागकर मुंबई जाने निकले 3 दोस्त:रील देख बड़ा बनने का चढ़ा जुनून,जयपुर पहुंचे तो निकली हवा, पुलिस ने पकड़ कर घर वालों को सौंपा

Oct 20, 2026 - 00:21
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घर से भागकर मुंबई जाने निकले 3 दोस्त:रील देख बड़ा बनने का चढ़ा जुनून,जयपुर पहुंचे तो निकली हवा, पुलिस ने पकड़ कर घर वालों को सौंपा
महंगे कपड़े, लग्जरी कार और बड़ा आदमी बनने का सपना... रील की चकाचौंध में तीन दोस्तों ने रियल लाइफ में घर छोड़ दिया। बैग में कपड़े भरे और मुंबई कमाने निकल पड़े। बस पकड़कर जयपुर तक पहुंच गए, लेकिन आगे ट्रेन नहीं मिली तो हिम्मत टूट गई। इधर घरवालों में कोहराम मच गया। आखिर में पुलिस ने तीनों को सकुशल ढूंढकर परिजनों को सौंप दिया। मामला लोहामंडी क्षेत्र का है। तीनों दोस्तों में दो नाबालिग हैं जो 12वीं में पढ़ते हैं, तीसरा 20 साल का है जिसने आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। एक किशोर मूल रूप से दिल्ली का है, जो 12 साल से मामा के घर रह रहा है। मामा जूते का काम करते हैं। दूसरे के पिता घर में ही जूता कारखाना चलाते हैं। तीनों इंस्टाग्राम पर सक्सेस स्टोरी वाली रील देखते थे। जिसमें लोग घर छोड़कर लखपति-करोड़पति बन जाते हैं। रील देखकर तीनों ने तय किया कि पहले छोटी-मोटी नौकरी करेंगे, फिर अपना काम शुरू कर बड़े आदमी बनकर लौटेंगे, ताकि घरवाले तारीफ करें। ट्यूशन के बहाने निकले, मोबाइल बेचा 17 अक्टूबर को दोपहर 12वीं के छात्र ट्यूशन का कहकर घर से निकले। स्कूल बैग में कपड़े भर लिए। एक ने अपना मोबाइल 12 हजार में बेच दिया। तीनों ईदगाह बस स्टैंड पहुंचे। मुंबई की सीधी बस न मिलने पर जयपुर की बस में बैठ गए। सोचा जयपुर से ट्रेन पकड़ लेंगे। जयपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार लंबा हो गया, खाने-पीने की भी दिक्कत होने लगी। मायूसी छाने लगी। पत्र में लिखा- अब बनकर ही लौटेंगे घर से निकलने से पहले दोनों छात्र एक पत्र छोड़ गए थे। लिखा था- पढ़ाई से सिर्फ नौकर बन सकते हैं, बड़ा आदमी नहीं। अब कुछ बनकर ही आएंगे। पत्र मिलते ही परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने लोहामंडी थाने में सूचना दी। एसआई सोनू कुमार ने टीम के साथ तलाश शुरू की। मोबाइल की लोकेशन निकाली तो फोन बंद मिले। उधर ट्रेन न मिलने पर तीनों ने आगरा लौटने का मन बना लिया। भरतपुर के पास एक ने मोबाइल ऑन किया तो लोकेशन ट्रेस हो गई। पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को आगरा आते ही पकड़ लिया। पुलिस ने मोबाइल चेक किए तो कई सक्सेस वाली रील मिलीं, जो वे एक-दूसरे को शेयर करते थे। एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि तीनों को समझाया गया है कि रील और रियल लाइफ में जमीन-आसमान का अंतर है। रील पर दिखने वाली हर बात सच नहीं होती। पहले पढ़ाई पूरी करो, फिर करियर के बारे में सोचो। कोई भी फैसला मां-बाप से पूछकर लो।

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