गंगा का जलस्तर 24 घंटे में 24 सेंटीमीटर घटा:उन्नाव में चेतावनी बिंदु से अब भी 3 सेमी ऊपर, तटीय इलाकों में परेशानी बरकरार
उन्नाव में गंगा के जलस्तर में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार सुबह केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार जलस्तर 112.03 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 24 सेंटीमीटर की कमी आई है। हालांकि गंगा अभी भी चेतावनी बिंदु 112 मीटर से तीन सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर घटने से तटीय क्षेत्रों के लोगों को राहत की उम्मीद जगी है, लेकिन निचले इलाकों में पानी पूरी तरह नहीं निकलने से अभी स्थिति सामान्य नहीं हुई है। शुक्रवार रात गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था। शनिवार को जलस्तर बढ़कर 113.08 मीटर तक पहुंच गया था। इसके बाद रविवार शाम छह बजे तीन सेंटीमीटर की कमी के साथ जलस्तर 112.97 मीटर दर्ज किया गया। सोमवार सुबह आठ बजे यह 112.79 मीटर, मंगलवार सुबह 112.56 मीटर और बुधवार सुबह 112.27 मीटर पर पहुंच गया। गुरुवार सुबह इसमें और 24 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई और जलस्तर 112.03 मीटर पर पहुंच गया। गंगा के खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद शुक्लागंज और आसपास के तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई थी। गोताखोर, कर्बला, हुसैन नगर, तेजीपुरवा और सैय्यद कंपाउंड समेत कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया था। घरों और रास्तों के आसपास पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। अब जलस्तर घटने लगा है, लेकिन निचले इलाकों में पानी जमा होने के कारण लोगों की दिक्कतें बनी हुई हैं। शहर के रविदास नगर, मालवीय नगर, श्रीनगर और इंद्रानगर में भी बाढ़ का पानी पहुंचा था। कई संपर्क मार्गों पर अभी जलभराव होने से लोगों को दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। जलस्तर में लगातार गिरावट से लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि पानी निकलने में अभी समय लगने की संभावना है। गंगा का पानी बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति प्रभावित हुई थी। गगनीखेड़ा और फत्तेखेड़ा समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी दोबारा पहुंच गया था। गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों पर पानी भरने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हुई। नेतुआ स्थित कान्हा गौशाला में भी बाढ़ का पानी दोबारा प्रवेश कर गया था। त्रिभुवनखेड़ा पावर हाउस के पास भी पानी पहुंचने से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जलस्तर में कमी के बावजूद प्रशासन और ग्रामीण गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को फिलहाल सतर्क रहने की जरूरत है। जलभराव वाले क्षेत्रों में आवागमन अभी भी चुनौती बना हुआ है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)