गोल्ड लोन मैनेजर ने पत्नी को मैसेज भेजकर आत्महत्या की:कानपुर में सुसाइड नोट में लिखा-मेरी कोई सुनने वाला नहीं, बैंक मैनेजर सहित ग्राहक जिम्मेदार

Oct 15, 2026 - 13:42
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गोल्ड लोन मैनेजर ने पत्नी को मैसेज भेजकर आत्महत्या की:कानपुर में सुसाइड नोट में लिखा-मेरी कोई सुनने वाला नहीं, बैंक मैनेजर सहित ग्राहक जिम्मेदार
कानपुर के बाबूपुरवा में गोल्ड लोन विभाग के एक ब्रांच मैनेजर ने देर रात पत्नी को मैसेज भेजने के बाद फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मैसेज में उन्होंने लिखा कि वह बहुत परेशान हो चुके हैं। उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। बुधवार देर रात हुई इस घटना की जानकारी उस समय हुई, जब पत्नी परिजनों के साथ बाबूपुरवा स्थित मकान पहुंचीं। दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने के बाद भी जवाब नहीं मिला तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई तो मैनेजर का शव फंदे से लटका मिला। मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि बैंक के एक ग्राहक की ओर से किए गए फ्रॉड के बाद उन पर चार लाख रुपए की भरपाई करने का दबाव बनाया जा रहा था। इस मामले में उन्होंने बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की थी। आरोप है कि पुलिस से ऑनलाइन शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। बैंक के अधिकारी लगातार उन्हें परेशान कर रहे थे। परिजनों के मुताबिक, अनुराग ने करीब तीन महीने पहले नौकरी छोड़ने के लिए ईमेल किया था। उनका तीन महीने का नोटिस पीरियड दो दिन बाद खत्म होने वाला था। इसी बीच उन पर कथित फ्रॉड की रकम जमा करने का दबाव बढ़ गया था। ग्राहक के कथित फ्रॉड के बाद शुरू हुआ विवाद उन्नाव जिले के बांगरमऊ स्थित टेढ़ी बाजार निवासी रामचंद्र प्राइवेट कर्मचारी हैं। उनके परिवार में छह बेटे हैं। इनमें अनुराग बाजपेई (36) गोल्ड लोन विभाग में ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। अनुराग की पत्नी दिव्या हैं। परिवार में उनके बेटे मृत्युंजय और वैभव तथा बेटी वेदिका हैं। अनुराग गोविंद नगर थाना क्षेत्र में स्थित बंधन बैंक की शाखा में गोल्ड लोन विभाग के मैनेजर थे। इससे पहले उनकी तैनाती कन्नौज जिले में थी। परिजनों के मुताबिक, वहां करीब पांच साल की तैनाती पूरी करने के बाद लगभग तीन साल पहले उनका कानपुर में ट्रांसफर हुआ था। छोटे भाई अभय का आरोप है कि करीब एक साल पहले नितिन गौड़ नाम का एक ग्राहक बैंक में आया था। उसने लगभग आठ लाख रुपये का होम लोन कराने के नाम पर कथित तौर पर धोखाधड़ी की। आरोप है कि इसके बाद चार लाख रुपये निकाल लिए गए, जबकि बाकी चार लाख रुपये बचे हुए थे। बैंक को मामले की जानकारी हुई तो अनुराग ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी। शिकायत करने के बाद भी नहीं मिली राहत, भाई ने लगाया प्रताड़ना का आरोप अभय का आरोप है कि घटना की जानकारी देने के बाद बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने अनुराग पर ही चार लाख रुपये की भरपाई करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। उनसे कहा गया कि धोखाधड़ी से बैंक को हुए नुकसान की रकम उन्हें जमा करनी होगी। आरोप है कि रकम नहीं देने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने की बात कही जाने लगी। परिजनों के मुताबिक, अनुराग ने इस मामले में ऑनलाइन ई-एफआईआर के माध्यम से भी शिकायत की थी। हालांकि, परिवार का कहना है कि शिकायत के बाद भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इसके उलट, बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उन पर लगातार दबाव बनाते रहे। अभय का आरोप है कि इसी वजह से अनुराग मानसिक रूप से परेशान रहने लगे थे। तीन महीने पहले नौकरी छोड़ने के लिए भेजा था ईमेल छोटे भाई अभय ने बताया कि फ्रॉड के मामले में लगातार दबाव बनाए जाने के कारण अनुराग ने करीब तीन महीने पहले नौकरी छोड़ने के लिए ईमेल किया था। उन्हें तीन महीने का नोटिस पीरियड दिया गया था। परिवार के मुताबिक, नोटिस पीरियड पूरा होने में महज दो दिन बाकी थे। अभय का आरोप है कि नौकरी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू करने के बाद भी अनुराग पर रकम की भरपाई करने का दबाव खत्म नहीं हुआ। उन्हें चेतावनी दी जाती थी कि यदि चार लाख रुपये जमा नहीं किए तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। नौकरी छोड़ने के बाद भी कार्रवाई किए जाने की बात कही जाती थी। परिजनों के अनुसार, नोटिस पीरियड खत्म होने की तारीख नजदीक आने के साथ ही अनुराग की परेशानी बढ़ती जा रही थी। पत्नी को मैसेज भेजकर लिखा- मेरी कोई गलती नहीं, मेरा कोई लेना-देना नहीं अभय के मुताबिक, देर रात अनुराग ने अपनी पत्नी दिव्या को मैसेज भेजा। इसमें उन्होंने लिखा कि वह बहुत परेशान हो चुके हैं, उनकी कोई गलती नहीं है और सारा आरोप उनके ऊपर डाला जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। शिकायत करने के बाद भी उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है। पत्नी ने मैसेज मिलने के बाद उनसे बात करने की कोशिश की और पूछा कि क्या हुआ है। लेकिन जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने फोन किया तो मोबाइल बंद मिला। अनहोनी की आशंका होने पर वह परिजनों के साथ बाबूपुरवा स्थित मकान पहुंचीं। वहां दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद परिजनों ने डायल-112 पर सूचना दी। जानकारी मिलते ही बाबूपुरवा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा तोड़कर पुलिसकर्मी अंदर दाखिल हुए तो अनुराग का शव फंदे से लटका मिला। पति का शव देखकर पत्नी बेसुध हो गईं। परिवार के अन्य सदस्यों में भी चीख-पुकार मच गई। सुसाइड नोट कब्जे में लेकर जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना पर पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला, जिसे कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। परिजनों के अनुसार, सुसाइड नोट में अनुराग ने अपनी गलती नहीं होने और ग्राहक की ओर से धोखाधड़ी किए जाने की बात लिखी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि इस घटना के बाद उन्हें परेशान किया जा रहा था और उनकी शिकायतों पर सुनवाई नहीं हो रही थी। सुसाइड नोट की विषयवस्तु और उसमें लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। बाबूपुरवा थाना प्रभारी नीरज ओझा ने बताया कि- घटनास्थल से सुसाइड नोट मिला है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों की ओर से तहरीर मिलने के बाद उसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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