गोलवाघाट-झिंगहाघाट मार्ग बनेगा मॉडल सड़क:30.56 करोड़ रुपये से हो रहा निर्माण, 1.85 किमी मार्ग को चार लेन में किया जा रहा विकसित
बहराइच में गोलवाघाट से झिंगहाघाट तक पुराने एनएच-0099 के 1.85 किलोमीटर लंबे मार्ग को चौड़ा कर पेव्ड शोल्डर सहित चार लेन में विकसित किया जा रहा है। 30 करोड़ 56 लाख 40 हजार रुपये की लागत वाली इस परियोजना का जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने गुरुवार शाम अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने, बाधाओं को दूर करने और निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड-1 के अधिशासी अभियंता अमर सिंह ने बताया कि परियोजना में 17 करोड़ 50 लाख 28 हजार रुपये की लागत से सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग, बहराइच करा रहा है। वहीं, सरयू नदी पर 13 करोड़ 6 लाख 12 हजार रुपये की लागत से सेतु का निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम, बाराबंकी द्वारा कराया जा रहा है। वर्तमान में मेसर्स विशाल कंस्ट्रक्शन एनएच-927 से तिकोनी बाग चौकी तक पेव्ड शोल्डर सहित चार लेन सड़क का निर्माण कर रही है। मार्ग के बाईं ओर लगभग 700 मीटर में जीएसबी और 300 मीटर में डब्ल्यूएमएन का कार्य पूरा हो चुका है। दो लघु सेतुओं के सब-स्ट्रक्चर का निर्माण भी प्रगति पर है। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। पेड़ों की कटाई के लिए एक सप्ताह की समयसीमा अधिकारियों ने बताया कि वृक्षों की कटाई और अन्य संबंधित कार्य पूरे नहीं होने से कुछ स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण प्रभावित हो रहा है। इस पर प्रभागीय वनाधिकारी सुन्दरेशा ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। डीएम ने वन विभाग और वन निगम के बीच समन्वय स्थापित कर अधिकतम एक सप्ताह में औपचारिकताएं पूरी कराने और पेड़ों की कटाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पोल और ट्रांसफार्मर की जल्द होगी शिफ्टिंग निरीक्षण में कई स्थानों पर विद्युत पोल और किसान डिग्री कॉलेज तिराहे पर स्थापित ट्रांसफार्मर सड़क चौड़ीकरण में बाधक मिले। डीएम ने विद्युत वितरण खंड-1 के अधिशासी अभियंता प्रवेश कुमार को निर्देश दिया कि पोल और ट्रांसफार्मर की शिफ्टिंग का काम युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए, ताकि निर्माण कार्य में बाधा न आए। 250 मीटर हिस्से में नाला बना बाधा मार्ग के करीब 250 मीटर हिस्से में नगर पालिका का नाला भी निर्माण कार्य में बाधा बन रहा है। नगर पालिका परिषद की अधिशासी अधिकारी प्रमिता सिंह ने बताया कि नाले की शिफ्टिंग का आगणन शासन स्तर पर लंबित है। स्वीकृति मिलने पर काम कराया जाएगा। स्वीकृति नहीं मिलने की स्थिति में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत कार्य कराने की कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने इस संबंध में अविलंब आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। महाराणा प्रताप की प्रतिमा की गरिमा बनाए रखने के निर्देश किसान डिग्री कॉलेज तिराहे पर स्थापित महाराजा महाराणा प्रताप की प्रतिमा की गरिमा और सौंदर्य बनाए रखने के लिए भी डीएम ने नगर पालिका परिषद को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मार्ग शहर का प्रमुख रास्ता है, इसलिए जनसामान्य की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराया जाए। पूरी परियोजना को शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाए। निरीक्षण के दौरान उप परियोजना प्रबंधक इं. सुघर सिंह, नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद, सहायक अभियंता महेश कुमार वर्मा और सतीश कुमार कामले, अवर अभियंता प्रीतम चन्द्र और सुमन कुमार राव सहित विशाल कंस्ट्रक्शन के एसबी सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
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