गोंडा में 61 साल से मुस्लिम परिवार बना रहा रावण:पिता ने 46 साल बनाए रावण, अब बेटे शाहिद ने संभाली जिम्मेदारी
गोंडा जिले में विजयदशमी पर रावण दहन की तैयारियां जोरों पर हैं। शहर के अलग-अलग स्थानों पर रावण के पुतले तैयार किए जा रहे हैं। वहीं, पटेल नगर के रहने वाले मोहम्मद शाहिद का परिवार वर्ष 1965 से रावण के पुतले बनाकर हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश कर रहा है। करीब 61 साल से यह परिवार हर साल रावण के पुतले तैयार कर रहा है, जिन्हें ले जाकर अलग-अलग स्थानों पर रावण दहन किया जाता है। इस साल भी मोहम्मद शाहिद रावण और मेघनाथ के पुतले तैयार कर रहे हैं। रविवार दोपहर 3 बजे तक वह अपने ऑर्डर का करीब 70 प्रतिशत काम पूरा कर चुके थे। शाहिद के पिता ने वर्ष 1965 से 2011 तक रावण के पुतले बनाने का काम किया। इसके बाद वर्ष 2011 से उनके बेटे मोहम्मद शाहिद ने यह जिम्मेदारी संभाल ली। इस बार उन्हें अलग-अलग स्थानों पर रावण दहन के लिए रावण और मेघनाथ के पुतले बनाने के ऑर्डर मिले हैं। वह प्रत्येक रावण और मेघनाथ का पुतला बनाने के लिए 20 से 25 हजार रुपये लेते हैं। इस वर्ष रावण और मेघनाथ के पुतले तैयार करके उन्हें करीब एक लाख रुपये की कमाई होने की उम्मीद है। पत्नी और बच्चों के साथ मिलकर बना रहे पुतले मोहम्मद शाहिद अपनी पत्नी, बच्चों और कुछ कारीगरों के साथ मिलकर पिछले 20 दिनों से लगातार रावण और मेघनाथ के पुतले बनाने में जुटे हैं। मालवीय नगर में 45 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। इसके लिए शाहिद रावण का पुतला तैयार कर रहे हैं। वहीं, मां खैरा भवानी मंदिर परिसर में इस बार 30 फीट ऊंचे रावण और 20 फीट ऊंचे मेघनाथ के पुतले बनाए जा रहे हैं। पटेल नगर निवासी मोहम्मद शाहिद ने बताया कि पहले उनके पिता रावण के पुतले बनाते थे, लेकिन अब वह यह काम कर रहे हैं।
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