गोंडा में जानलेवा हमले के दो आरोपी कोर्ट में सरेंडर:पुलिस को चकमा देकर न्यायालय पहुंचे देवेंद्र-सुरेंद्र, याचिका खारिज होने के अगले दिन आत्मसमर्पण
गोंडा में अधिवक्ता सीमेंट मिश्रा के भाई सत्यम मिश्रा पर 25 अक्टूबर को हुए जानलेवा हमले के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों ने गुरुवार शाम न्यायालय में सरेंडर कर दिया। आरोपी देवेंद्र ओझा और सुरेंद्र ओझा शाम करीब 5:30 बजे गोंडा न्यायालय पहुंचे और आत्मसमर्पण किया। न्यायालय ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। इससे एक दिन पहले लखनऊ हाईकोर्ट ने आरोपी सुरेंद्र ओझा, देवेंद्र ओझा और अनिल ओझा की याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने एफआईआर रद्द करने और अंतिम राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके अगले ही दिन फरार चल रहे देवेंद्र और सुरेंद्र ने न्यायालय पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। न्यायालय से 100 मीटर दूर पुलिस चौकी दोनों आरोपियों के कोर्ट में पहुंचकर सरेंडर करने के बाद नगर कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। न्यायालय से करीब 100 मीटर की दूरी पर पुलिस चौकी होने के बावजूद पुलिस फरार आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। सीओ नगर योगेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर नगर कोतवाली पुलिस को लगातार निर्देश दिए जा रहे थे और लापरवाही पर फटकार भी लगाई गई थी। इसके बावजूद दोनों आरोपी न्यायालय पहुंचकर सरेंडर करने में सफल रहे। अनिल ओझा की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें लगाई गईं मामले में आरोपी अनिल ओझा अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसपी के निर्देश पर नगर कोतवाली, एसओजी और सर्विलांस की तीन टीमें लगाई गई हैं। पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। सीओ ने बताया कि अब तक मामले में तीन नामजद आरोपी जेल जा चुके हैं, जिनमें से एक जमानत पर बाहर आ चुका है। अज्ञात आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। लापरवाही मिलने पर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी सीओ नगर योगेंद्र सिंह ने कहा कि पूरे मामले में पुलिस की ओर से हुई लापरवाही की भी जांच की जाएगी। यदि किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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