गोरखपुर में 5 साइबर जालसाज गिरफ्तार:म्यूल खाते में रकम मंगाकर क्रिप्टोकरेंसी में बदलते थे, कमीशन देकर खुलवाते थे अकाउंट

Oct 09, 2026 - 16:04
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गोरखपुर में 5 साइबर जालसाज गिरफ्तार:म्यूल खाते में रकम मंगाकर क्रिप्टोकरेंसी में बदलते थे, कमीशन देकर खुलवाते थे अकाउंट
गोरखपुर साइबर क्राइम सेल और चिलुआताल पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में साइबर ठगी करने वाले 5 जालसाजों को गिरफ्तार कर बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पकड़े गए आरोपी जालसाजी की रकम को म्यूल खातों से निकालकर क्रिप्टोकरेंसी USDT में बदल देते थे। इनके पास से 13 लाख 76 हजार 700 रुपए नकद, कैश काउंटिंग मशीन, लग्जरी कार, 22 एटीएम कार्ड और बड़ी मात्रा में चेकबुक-पासबुक बरामद हुई है। ऐसे चलता था पूरा खेल एसपी क्राइम अयोध्या प्रसाद ने शुक्रवार को पुलिस लाइन के व्हाइट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि पूछताछ में सामने आया कि गिरोह भोले-भाले लोगों को 20 प्रतिशत कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते ले लेता था। फिर देशभर में साइबर फ्रॉड और इन्वेस्टमेंट फ्रॉड से ठगी गई रकम उन खातों में मंगवाता था। एटीएम और चेक से नकदी निकालने के बाद कमीशन काटकर बाकी रकम को विदेशी एजेंटों के जरिए USDT में बदलकर वॉलेट पर भेज दिया जाता था। इससे साइबर ठगी की रकम का सोर्स छिप जाता था। जांच में 4.9 करोड़ का लेन देन मिला पुलिस के मुताबिक अब तक कुल 34 म्यूल बैंक खातों की जांच में 4 करोड़ 9 लाख 11 हजार 738 रुपये के साइबर फ्रॉड की रकम आने की पुष्टि हुई है। शिकायतें बिहार, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु समेत कई राज्यों से जुड़ी हैं। पकड़े गए आरोपी पकड़े गए आरोपियों में महराजगंज जिले के नौतनवां थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 14 निवासी नवनीत पांडेय उर्फ आदेश ग्रुप लीडर है। अन्य पकड़े गए आरोपियों में राजघाट के बसंतपुर निवासी रवि वर्मा, चंदौली जिले के खुर्जा निवासी आदर्श सिंह उर्फ थायनोस, एम्स थाना क्षेत्र का प्रज्ञा रतन और चिलुआताल के करीम नगर निवासी मकसूद आलम खान का नाम शामिल है। गिरोह में किसकी क्या भूमिका थी नवनीत पांडेय उर्फ आदेश पांडेय - गैंग का लोकल लीडर। सोशल मीडिया ग्रुप से खातों की डिटेल लेता था, फ्रॉड की रकम मंगवाता था और कैश निकलवाकर USDT में कन्वर्ट कराता था। पिछले एक साल से यह काम कर रहा है। रवि वर्मा - म्यूल खाता प्रोवाइडर। लोगों को लालच देकर उनके खाते, एटीएम, चेकबुक ले लेता था। कैश निकालकर 10 प्रतिशत कमीशन रखता था। आदर्श सिंह और 4. प्रज्ञा रतन - कैश से USDT कन्वर्टर। नवनीत से कैश लेकर मकसूद के जरिए USDT बनवाते थे। इन्हें प्रति USDT 160 रुपए कमीशन मिलता था। मकसूद आलम खान - विदेशी एजेंटों से संपर्क रखने वाला मुख्य कड़ी। कैश लेकर विदेशी एजेंटों के माध्यम से USDT में बदलकर बताए गए वॉलेट पर ट्रांसफर कर चेन तोड़ देता था। इसके पास से अकेले 12.76 लाख कैश और 19 एटीएम कार्ड मिले हैं। पांच फरार आरोपियों की चल रही तलाश पुलिस ने इस मामले में चिलुआताल थाने में केस दर्ज कर 5 अन्य फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े खाताधारकों और असली मास्टरमाइंड तक जांच पहुंचाई जा रही है।

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