गोरखपुर में बाढ़ के बाद नुकसान का सर्वे:DM ने दिए गांव-गांव आकलन के निर्देश; पानी घटते ही सड़कों की मरम्मत शुरू होगी
गोरखपुर में राप्ती नदी के उफान से आई बाढ़ के बाद अब प्रशासन राहत और पुनर्वास की तैयारी में जुट गया है। बाढ़ के कारण गांवों और शहर के कई इलाकों में जलभराव हुआ है। इससे फसलों को नुकसान पहुंचा है, कई घरों में पानी घुस गया और सड़कें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। DM दीपक मीणा ने बाढ़ प्रभावित सभी क्षेत्रों का विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। सर्वे के जरिए नुकसान का वास्तविक आकलन किया जाएगा, ताकि उसी आधार पर राहत और मुआवजा दिया जा सके। प्रशासन ने साफ किया है कि कोई भी प्रभावित परिवार या क्षेत्र सर्वे से छूटना नहीं चाहिए। गांव-मोहल्लों में जाकर टीमें करेंगी सर्वे सर्वे में किसानों की फसल के नुकसान के साथ मकान, दुकान, सड़क, सरकारी भवन, अस्पताल और स्कूलों को हुए नुकसान को भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग टीमें गठित कर गांवों और मोहल्लों में भेजी जाएंगी। DM ने अधिकारियों को सर्वे में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नुकसान के आकलन में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पानी घटते ही सड़कों की मरम्मत बाढ़ से कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इससे लोगों के आवागमन में परेशानी हो रही है। DM ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि पानी का स्तर घटते ही सड़कों की मरम्मत शुरू कराई जाए। लोक निर्माण विभाग समेत अन्य विभागों को मशीनरी और संसाधनों के साथ तैयार रहने को कहा गया है। पानी कम होने के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत का काम कराया जाएगा। 10-15 दिन में पानी घटने की उम्मीद प्रशासन के मुताबिक अगले 10 से 15 दिनों में पानी का स्तर कम होने की संभावना है। इसके बाद ज्यादा नुकसान वाले इलाकों में राहत और मरम्मत के काम को प्राथमिकता दी जाएगी। सर्वे पूरा होने के बाद प्रभावित लोगों को राहत और मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य जल्द से जल्द हालात सामान्य करना है। बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट बाढ़ का पानी उतरने के बाद बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट किया गया है। पानी घटते ही प्रभावित इलाकों में एंटी-लार्वा का छिड़काव और स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन के मुताबिक सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करेंगे। अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने और प्रभावित लोगों तक जल्द राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
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