गोरखपुर में हिंदू-मुस्लिम व्यापारियों ने मिलकर बांटा प्रसाद:20 हजार लोगों को कराया भोजन, बोले- सबसे बड़ा मजहब इंसानियत
गोरखपुर में नवरात्रि के पावन पर्व पर गोरखपुर की महेवा फल एवं सब्जी मंडी में हिंदू-मुस्लिम एकता की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। शनिवार को नवरात्रि की सप्तमी पर प्रगति सब्जी थोक विक्रेता कल्याण समिति की ओर से भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें हिंदू और मुस्लिम व्यापारियों ने मिलकर लोगों को भोजन और प्रसाद बांटा। आयोजकों ने करीब 20 हजार लोगों को भोजन कराने का लक्ष्य रखा। भंडारे के जरिए व्यापारियों ने संदेश दिया कि त्योहार किसी का भी हो, खुशियां बांटने और लोगों की सेवा करने से ही समाज में प्यार और भाईचारा बढ़ता है। सबसे बड़ा मजहब है इंसानियत महेवा मंडी में भंडारे के लिए सुबह से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। व्यापारियों ने खुद आगे बढ़कर लोगों को भोजन और प्रसाद बांटा। सभी ने मिलकर भंडारे की व्यवस्था संभाली। आयोजन के दौरान आपसी सहयोग और सौहार्द का माहौल देखने को मिला। समिति के महामंत्री आसिफ अय्यूब ने कहा कि महेवा मंडी में हिंदू और मुस्लिम व्यापारी लंबे समय से मिल-जुलकर कारोबार करते आ रहे हैं। सभी एक-दूसरे के त्योहारों में भी शामिल होते हैं। रमजान के दौरान रोजा इफ्तार और नवरात्रि में भंडारे का आयोजन इसी भाईचारे की परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मंडी में सभी व्यापारी एक परिवार की तरह रहते हैं। हम सब मिलकर कारोबार करते हैं और एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। सबसे बड़ा मजहब इंसानियत है। जरूरतमंदों की मदद करना और लोगों की सेवा करना सबसे जरूरी है। मंडी में सभी हैं एक परिवार समिति के अध्यक्ष नबी मोहम्मद ने बताया कि नवरात्रि के अवसर पर पहली बार इतने बड़े स्तर पर भंडारे का आयोजन किया गया है। इसका उद्देश्य लोगों को भोजन कराने के साथ समाज में आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश देना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को जोड़ने और आपसी संबंध मजबूत करने का काम करते हैं। समिति के मंत्री कमलेश कश्यप ने कहा कि महेवा मंडी में सभी व्यापारी एक परिवार की तरह रहते हैं। यहां हर त्योहार को मिल-जुलकर मनाया जाता है। नवरात्रि पर आयोजित भंडारा भी इसी एकता और आपसी सहयोग की मिसाल है। भंडारे के जरिए दिया भाईचारे का संदेश आयोजकों के अनुसार, महेवा मंडी में करीब 70 प्रतिशत व्यापारी मुस्लिम समुदाय से हैं। इसके बावजूद सभी समुदायों के व्यापारी एक-दूसरे के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। भंडारे में समिति के अध्यक्ष नबी मोहम्मद, महामंत्री आसिफ अय्यूब, मंत्री कमलेश कश्यप समेत अन्य व्यापारियों ने व्यवस्था संभाली। नवरात्रि के बीच महेवा मंडी में आयोजित यह भंडारा हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बन गया। व्यापारियों ने दिखाया कि धर्म अलग होने के बावजूद सभी मिलकर समाज की सेवा कर सकते हैं। इस आयोजन ने संदेश दिया कि त्योहार खुशियां बांटने का मौका होते हैं और इंसानियत से बढ़कर कुछ नहीं है।
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