गोरखपुर में लेब्राडोर डॉग की मौत पर खूब रोया परिवार:2 अक्टूबर को मौत हुई, ब्रह्मभोज का कार्ड छपवाया, 13वें दिन की तेरहवीं

Oct 16, 2026 - 08:28
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गोरखपुर में लेब्राडोर डॉग की मौत पर खूब रोया परिवार:2 अक्टूबर को मौत हुई, ब्रह्मभोज का कार्ड छपवाया, 13वें दिन की तेरहवीं
गोरखपुर के एक परिवार पालतू लेब्राडोर डॉग की मौत पर खूब रोया। परिवार के लोग उसे बफी कहकर बुलाते थे। इंसानों की तरह ही उसका अंतिम संस्कार किया। ब्रह्मभोज का कार्ड छपवाकर रिश्तेदारों और दोस्तों को निमंत्रण भेजा। मौत के 13वें दिन उसकी तेरहवीं मनाई गई। इस दौरान घर सुंदर कांड का पाठ भी कराया गया। परिवार के सदस्यों को बफी से गहरा जुड़ाव हो गया था। 2 अक्टूबर को बफी की मौत हुई रूस्तमपुर के आजाद नगर निवासी अनिल मिश्रा बफी के मालिक थे। उन्होंने बताया कि बफी केवल उनका खास नहीं था, बल्कि परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार भी उससे बेहद प्यार करते थे। घर में रहने के दौरान बफी परिवार का हिस्सा बन गया था। उसके साथ सभी का भावनात्मक जुड़ाव था। यही वजह है कि उसके जाने के बाद परिवार ने उसकी याद में श्रद्धांजलि सभा और ब्रह्मभोज आयोजित करने का निर्णय लिया। बफी जब 10 दिन का था, तब उसे घर लाए थे। अनिल ने बताया कि 6 साल तक ही बफी साथ रह सका। उसके लिवर में कोई बीमारी हो गई थी। अच्छे डॉक्टरों से इलाज भी कराया। लेकिन 2 अक्टूबर को उसकी बीमारी से लड़ते हुए मौत हो गई। श्रद्धांजलि कार्ड पर बफी की तस्वीर परिवार की ओर से जारी कार्ड पर सबसे ऊपर 'विनम्र श्रद्धांजलि' लिखा गया है। इसके नीचे 'स्व. बफी के ब्रह्मभोज पर आमंत्रण' दिया गया है। कार्ड में बफी की तस्वीर को सुनहरे रंग की सजावट के बीच स्थान दिया गया है। कार्ड हिंदी और अंग्रेजी लैंग्वेज में तैयार किया गया। इसमें 15 अक्टूबर को शाम चार बजे ब्रह्मभोज का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। आयोजन आजाद नगर स्थित मकान नंबर 454 बी में होगा। बफी की आत्मा की शांति के लिए कराया सुंदर कांड बफी के निधन के बाद परिवार की ओर से इस तरह श्रद्धांजलि देना इंसान और पालतू जानवर के बीच भावनात्मक रिश्ते को दर्शाता है। पालतू जानवर समय के साथ परिवार के सदस्यों की दिनचर्या और भावनाओं का हिस्सा बन जाते हैं। उनके जाने से घर में खालीपन महसूस होना स्वाभाविक है। बफी की मौत के बाद उसकी आत्मा की शांति के लिए घर में सुंदर कांड का आयोजन 15 अक्टूबर को किया गया। जिसमे परिवार के साथ ही रिश्तेदार और दोस्त शामिल हुए। अनिल मिश्रा ने भावुक होकर बताया कि बफी से परिवार के सभी सदस्यों और रिश्तेदारों का गहरा लगाव था। उसकी याद में आयोजित यह कार्यक्रम परिवार के उसी स्नेह और जुड़ाव को व्यक्त करने का एक तरीका है। बफी (Buffy) मूल रूप से अंग्रेजी और हिब्रू मूल का एक नाम है।

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